बच्चे के लिए सेहतमंद नाश्ते के बारे में सोचते ही पहली चीज़ जो दिमाग में आती है वो है अनाज। नीचे बताया गया है कि क्यों ये आपके बच्चे के दिन को शुरू करने का एक शानदार तरीका है।

अनाज का महत्व

अनाज बच्चों के लिए सबसे सही नाश्ता है जिसे दूध और फलों के साथ खाया जा सकता है। स्टडीज़ से यह पता चला है कि जो बच्चे सीरीअल (अनाज) खाते हैं वे कभी भी ज़रूरत से ज़्यादा नहीं खाते, खासकर उन बच्चों के मुकाबले जो दूसरे प्रकार का नाश्ता करते हैं।

भारत में मिलने वाले सबसे अच्छे अनाजों की सूची

भारत में पौष्टिक नाश्ते के अनाजों (सिरीअल्ज़) में सबसे पहले आता है केल्लोग्स और उसके बाद आते हैं गेहूँ ओट्स, दलिया, मूसली, चावल के कुरकुरे (पोहा), आदि। सिरीअल बार भी नाश्ते के लिए एक अच्छा विकल्प है पर ध्यान रखें कि उसमें ड्राई फ्रूट, नट्स और ओट्स जैसे साबुत अनाज होने चाहिए, और इसे आप कम फैट वाले दूध या दही और फलों के साथ खिला सकते हैं।

1 साल के बच्चे के नाश्ते के लिए कुछ और अच्छे अनाज हैं, जैसे पके हुए ओट्स, बादाम या दूसरे ड्राई फ्रूट के साथ, फलों से बनी स्मूदी, सादा दही और एक चम्मच गेहूँ के बीज, बिना चर्बी वाला मांस, कम फैट वाले चीज़, पालक, टमाटर, ककड़ी और शिमला मिर्च से बना एक पौष्टिक सैंडविच, गेहूँ की ब्रेड का बना फ्रेंच टोस्ट, अंडे का सफेद भाग या अंडे का विकल्प, दालचीनी और वैनिला (अगर ज़रूरत हो)।

नाश्ते के लिए सही अनाज चुनने के लिए ज़रूरी सुझाव

इस बात में कोई शक नहीं कि नाश्ते में अनाज बनाना बहुत आसान है। सबसे ज़रूरी बात तो यह है कि, आजकल मिलने वाले ज़्यादातर अनाज पौष्टिक होते हैं और उनमें कम शुगर होती है। कई शोधकर्ताओं का भी मानना है कि बहुत से रेडी-टू-ईट अनाज बच्चे के पोषण को सुधारते हैं, उन्हें मोटा होने से बचाते हैं और उनके दिमाग की शक्ति को बढ़ाते हैं। दूध के साथ लिए जाने पर, ये अनाज फाइबर, फोलिक एसिड, विटामिन सी, आयरन और ज़िंक का पावरहाउस (मुख्य स्रोत) बन जाते हैं।

  • भले ही बच्चों को ज़्यादा शक्कर वाले अनाज पसंद हों, लेकिन कम शक्कर के अनाज दिए जाने पर हो सकता है कि वे फल खाने की कोशिश करें। स्टडीज़ से पता चलता है कि अगर बच्चों को कम शक्कर वाला खाना दिया जाए या उनके कटोरे में थोड़ी सी टेबल शुगर रखी जाए तो उनके सेहतमंद और पौष्टिक नाश्ता खाने की संभावना और बढ़ जाती है। इसलिए, हर माता पिता को अपने बच्चे के दिमाग के साथ खेलकर उन्हें कटे हुए फलों और टेबल शुगर के साथ कम शक्कर वाला अनाज देना होगा, जो कि बहुत ज़्यादा शक्कर वाली चीज़ें देने से ज़्यादा बेहतर और सेहतमंद है। इससे आपके बच्चे के खाने में मौजूद अतिरिक्त शक्कर भी कम हो जाएगी। बच्चों को उनके खाने में प्राकृतिक मिठाई के रूप में फल खाना सिखाएँ और उनमें सेहतमंद आदतों को बढ़ावा दें।
  • कुछ ऐसे अनाज हैं जो खासतौर पर बच्चों के लिए बनाए जाते हैं जिनमें बहुत शक्कर और सोडियम होता है जिससे वजन बढ़ता है और मोटापा होता है। इसलिए, सही तरीके से अनाज को चुनना बहुत ज़रूरी है। ज़्यादातर अनाज, जो खासतौर पर बच्चों के लिए नहीं होते हैं, उनमें चीनी की मात्रा कम होती है और उनमें फाइबर भी ज़्यादा होता है। सीरियल पैकेज पर बनें कार्टून चरित्रों और रंगीन पैकेजिंग से आकर्षित ना हों। पैकेज पे लिखे गए विवरण या हेल्थ क्लेम को छोड़कर हमेशा न्यूट्रिशन लेबल पर ध्यान दें।
  • यूएसडीए के आंकड़ों के हिसाब से, एक मामूली नाश्ते वाले अनाज में रोज़ की कैलोरी (2000 किलो कैलोरी आहार का अनुमान रखते हुए) के लगभग पांचवें हिस्से जितना होता है। इस बात का ध्यान रखें कि आपके द्वारा चुने गए अनाज में प्रति सर्विंग 200 किलो कैलोरी कम होनी चाहिए और कोशिश करें कि हमेशा बताये गये सर्विंग मात्रा के हिसाब से ही चलें।
  • आदर्श रूप से, अनाज में प्रति सर्विंग 2 (अगर 5 नहीं तो) ग्राम फाइबर सामग्री होनी चाहिए। बच्चों के लिए ज़्यादा फाइबर वाले अनाज हमेशा सेहतमंद होते हैं। इनमें शक्कर की मात्रा प्रति सर्विंग 10 से 12 ग्राम से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए। इसके बजाय केले, स्ट्रॉबेरी, आड़ू या ऐसे दूसरे फलों का इस्तेमाल करके स्वाभाविक रूप से अनाज को मीठा बनाएं। गेहूँ, भूरे चावल और कॉर्न जैसे साबुत अनाज चुनें जो आजकल बहुत से ब्रैन्ड में मिलते हैं। साबुत अनाज के मुकाबले परिष्कृत (प्रोसेस्ड) अनाज में फाइबर और पोषक तत्व बहुत ही कम या ना के बराबर होते हैं। किसी भी तरह के 100% साबुत अनाज को एक पहली ज़रूरी चीज़ की तरह देखें, न कि पूरे अनाज के बजाय, इसका मतलब है कि अनाज का आधा हिस्सा पूरे अनाज से बना है। पैकेज पर होल ग्रेन काउंसिल की पीले रंग की मुहर का भी ध्यान रखें। बहुत ज़्यादा शक्कर खिलाकर अपने बच्चे के दिन की शुरुआत करने से उनके भूख लगने के संकेतों और उनके मूड पर असर पड़ सकता है और उन्हें मधुमेह (डाइअबीटीज़) होने का खतरा बढ़ सकता है। उसी तरह, संतृप्त वसा (सैच्यूरेटेड फैट) की मात्रा भी प्रति सर्विंग 3 ग्राम से ज़्यादा की नहीं होनी चाहिए। बच्चों के सेहतमंद अनाज में 220 मिलीग्राम से ज़्यादा सोडियम नहीं होना चाहिए क्योंकि यह बच्चे के दिल और रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) के लिए अच्छा नहीं है। अनाज आमतौर पर कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होते हैं जो रोज़ाना के खाने का कुल 22 प्रतिशत है। नाश्ते वाले अनाज में भरपूर आयरन, मैग्नीशियम होता है, थोड़ा कैल्शियम और विटामिन बी6 होता है, और बहुत ही कम मात्रा में सोडियम और पोटैशियम होता है। इनमें आमतौर पर विटामिन ए, सी, डी और बी12 नहीं होता है। इस बात का ध्यान रखें कि सीरीअल की एक्सपायरी डेट काफी बाद की हो और उनमें एफएसएसएआई का लोगो और लाइसेन्स नंबर हो।
  • आप अपने बच्चे की प्रोटीन की ज़रूरत को पूरा करने के लिए उनके सीरीअल में/के साथ बिना फैट और कम शक्कर का ग्रीक दही डाल सकते हैं। अगर आपको दूध का कोई विकल्प नहीं चाहिए, तो सोया दही सबसे अच्छा विकल्प है, कुछ ब्रैन्ड प्रति सर्विंग 8 से 10 ग्राम प्रोटीन भी देती हैं।
  • नाश्ते वाले अनाज को गर्म या ठंडा खा सकते हैं। बहुत सारे फाइबर और ज़ीरो शक्कर (बिना फ्लेवर के) वाले गर्म अनाज जैसे स्टील कट ओट्स, जई चोकर (ओट ब्रान), बाजरा, क्विनोआ और दूसरे साबुत अनाज नाश्ते के लिए हमेशा अच्छे होते हैं। गर्म अनाज को अक्सर सूखे अनाज की तुलना में बेहतर तृप्ति देने के लिए जाना जाता है।
  • इस बात का ध्यान रखें कि आप अपने बच्चे के लिए जो नाश्ते वाले अनाज चुनते हैं उनमें कोई मिलावट ना हो जैसे बाइंडर, कैरियर, इमल्सिफायर, स्टेब्लाइज़र, रेज़िंग एजेंट, टेक्स्ट्युराइज़र्स, फिल्लर, रंग और फ्लेवर। नियमित मात्राओं से ज़्यादा डाले जाने पर ये आपके बच्चों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। एफएसएसएआई ने नाश्ते वाले अनाज में सिर्फ़ एरिथ्रिटाॅल (जीएमपी के रूप में अधिकतम सीमा) और ब्यूटाइलेटेड हाइड्रोक्सीएनीसोल (50 पीपीएम की अधिकतम सीमा) जैसे फ़ूड एडिटिव का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।

आपके बच्चे के नाश्ते में बहुत ज़्यादा शक्कर और फैट डालने की ज़रूरत नहीं है, वो बस सेहतमंद होना चाहिए। एक माँ या पिता होने के नाते सही जानकारी रखना बेहद ज़रूरी है ताकि आप अपने बच्चे के लिए सही अनाज चुन सकें।