Food essentials to carry in the handbag

गर्भावस्था में भूख मिटाने के लिए हैंडबैग में रखने लायक11खाने की चीज़ें

गर्भावस्था के दौरान ज़्यादा भूख लगती है क्योंकि इस समय आप, अपने और अपने होने वाले बच्चे की अच्छी सेहत के लिए खाना खाती हैं। पोषक तत्वों की ज़रूरत को पूरा करने के लिए आपको बार-बार भूख लगती है। आपको कभी भी भूख लग सकती है, हो सकता है सफ़र के दौरान आपको बहुत तेज़ भूख लग जाए और कहीं रुक कर खाने का आपके पास समय ना हो। और ज़रूरी नहीं कि रेस्टोरेंट का खाना पौष्टिक हो, वैसे भी कहा जाता है कि गर्भावस्था में घर का पका खाना ही सही होता है। इसलिए आपको हर वक़्त तैयार रहना चाहिए।

अपने साथ हर समय पौष्टिक स्नैक्स रखें जो आसानी से आपके हैंडबैग में आ सके। इस तरह आप जंक फ़ूड और कोल्ड ड्रिंक से दूर रह सकती हैं। नीचे कुछ ऐसी चीज़ों की लिस्ट दी गई है जो आराम से हैंडबैग मे रखी जा सकती हैं और इनमें से कुछ काफी लंबे समय तक खराब भी नहीं होती-

  1. खाखरा

    खाखरा को ‘कुरकुरा मसाला चपाती’ कह सकते हैं। इसे गेहूं के आटे मे कुछ मसाले डालकर बनाया जाता है और पतला बेलकर तवे पर लकड़ी के प्रेस से दबाकर देर तक सेका जाता है। दबाने की वजह से खाखरा वैफर जितना पतला और कुरकुरा हो जाता है और इसे आलू के चिप्स की जगह खाया जा सकता है। खाखरा कई सारे स्वादों में मिलता है। इसे आप स्टील के डब्बे में लम्बे समय तक स्टोर कर सकते हैं और जब चाहे तब खा सकते हैं।

  2. नट्स

    एक छोटे डिब्बे मे बादाम, अखरोट, पिस्ता और काजू डालकर अपने हैंडबैग मे ज़रूर रखें। इनमें फाइबर, प्रोटीन, ज़रूरी फैटी एसिड, विटामिन जैसे कि विटामिन ई और मिनरल जैसे कि कैल्शियम, आयरन, ज़िंक, पोटैशियम, सेलेनियम, कॉपर और मैग्नीशियम है।

    इन्हें भून के या बिना भूने, बिना नमक के खा सकते हैं। इन्हें 25 ग्राम तक ही खाना सबसे बेहतर होता है।

  3. सूखे मेवे

    गर्भावस्था के दौरान अगर आपको मीठा खाने का मन करता है तो आप सूखे अंजीर, खुबानी, खजूर, किशमिश और सूखा आलू बुखारा खा सकती हैं। इनमें फाइबर, माइक्रोन्यूट्रिएंट्स (ऐसे पोषक तत्व जिनकी शरीर को कम मात्रा में ज़रूरत होती है) और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा मे पाए जाते हैं। हर मेवे के अलग-अलग फ़ायदे हैं और आपको अपनी ज़रूरत के हिसाब से ही इन्हें खाना चाहिए। उदाहरण के लिए सूखे आलूबुखारा मे बहुत ज़्यादा मात्रा मे फाइबर पाया जाता है। इसमें एक प्राकृतिक जुलाब (पेट साफ करने वाली दवा) ‘सोर्बिटोल’ होता है जो दस्त को ठीक करता है। खजूर और किशमिश इंसुलिन को बढ़ने से रोकते हैं और इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (खाने से ब्लड शुगर पर पड़ने वाले असर को मापने वाली इकाई) कम या बीच का होता है। इसलिए, अगर आपको गर्भावस्था में होने वाली डायबिटीज़ का खतरा है, तो एक-दो खजूर और किशमिश से आप अपने मीठा खाने की इच्छा को पूरा कर सकती हैं। खजूर फाइबर, आयरन, पोटैशियम और एंटीऑक्सिडेंट का भी एक बड़ा स्रोत है। गर्भावस्था के आखिरी कुछ महीनों में रोज़ाना खजूर खाने से गर्भाशय ग्रीवा के फैलाव में मदद मिलती है जिससे दवाइयों से लेबर पेन (प्रसव पीड़ा) बढ़ाने की ज़रूरत कम पड़ती है। हालाँकि, याद रखें कि सूखे फल फ्रुक्टोज़ और कैलोरी से भी भरपूर होते हैं, इसलिए इन्हें ज़्यादा ना खाएं।।

  4. नमकीन मूंगफली

    मूंगफली मे सेहतमंद फैट (जैसे कि मोनो और पॉलीअनसैचुरेटेड), प्रोटीन और फाइबर मौजूद होते हैं। इसमें माइक्रोन्यूट्रिएंट्स जैसे नियासिन, कॉपर, फोलेट, विटामिन ई, थायमिन, बायोटिन और मैग्नीशियम काफी मात्रा में होते हैं। नमकीन मूंगफली के एक पैकेट में स्वाद और पोषण दोनों भरपूर होते हैं। अगर आपको हाइपरटेंशन (हाई बीपी) है तो आपको भुनी हुई मूंगफली खानी चाहिए। भुना हुआ चना और हरी मटर में भी प्रोटीन की मात्रा ज़्यादा होती है और ये काफी पौष्टिक होते हैं।

  5. भुना हुआ मखाना या फॉक्स नट्स

    मखाने को भारत का पॉपकॉर्न कहा जा सकता है और बीते कुछ सालों से यह फिर से सबके द्वारा पसंद किया जा रहा है। मखाने में सैचुरेटेड फैट, कोलेस्ट्रॉल और सोडियम बिल्कुल भी नहीं होता है। इसकी खासियत है कि बच्चे या बुज़ुर्ग हर कोई इसका मज़ा ले सकता है क्योंकि इसे घर पर भूना जा सकता है। इसमें स्वाद और सेहत के हिसाब से नमक डाला जा सकता है। इसे धीमी आंच पर एक छोटा चम्मच घी डालकर लगभग 5-10 मिनट तक भूनें और बस यह तैयार है। आप इसमें अपनी पसंद का कोई भी मसाला डाल सकते हैं और एक हाई-प्रोटीन लो-शुगर स्नैक आपके सामने है। कुरकुरापन बनाए रखने के लिए इसे एक एयरटाइट डब्बे में रखें।

  6. बीज और नट ट्रेल मिश्रण

    आप अपने मनपसंद बीज और नट ट्रेल का मिश्रण खुद घर पर बना सकते हैं। आप कद्दू, सूरजमुखी, चिया और तरबूज के बीज का इस्तेमाल कर सकते हैं। इन बीजों में प्रोटीन, ज़रूरी फैटी एसिड, कैल्शियम, ज़िंक, कॉपर और मैग्नीशियम भरपूर मात्रा मे पाया जाता है। ये फाइबर से भी भरपूर होते हैं। फैट और नमक को सही करने के लिए इन्हें कच्चा ही खरीदें और घर पर ही भूनें। इन्हें मुट्ठी भर नट के साथ मिलाएं और बस यह पैक करने के लिए तैयार है।

  7. ताज़े फल जैसे सेब, संतरे, नाशपाती

    ताज़े फल जैसे कि सेब, संतरा, नाशपाती, खाने मे रसीले और ज़रूरी विटामिन और मिनरल से भरे हुए होते हैं। ये हमारे खाने में फाइबर की कमी को पूरा करते हैं और इन्हें खाने से पेट काफी देर तक भरा हुआ लगता है। सेब, संतरा, नाशपाती, हैंडबैग में जल्दी नहीं पिचकते। इन्हें खाने से ताज़गी और पोषण दोनों मिलता है।

  8. कटी हुई गाजर और शिमला मिर्च

    अपने डिब्बे मे कटी हुई गाजर और रंग-बिरंगी शिमला मिर्च ज़रूर रखें। यह कुरकुरे स्नैक्स हैं जिन्हें आप काम करते हुए भी खा सकती हैं। इन्हें बिना किसी ड्रेसिंग के भी खाया जा सकता है। इनमें विटामिन ए, सी, के1, पोटैशियम, और एंटीऑक्सिडेंट जैसे कि एंथोकायनिन, लाइकोपीन, ल्यूटिन और घुलने वाला फाइबर भरपूर मात्रा में होता है। ये सब्ज़ियाँ गर्मी में भी ठीक रहती हैं लेकिन एक दिन से ज़्यादा इन्हे अपने हैंडबैग में ना रखें।

  9. दूध और छाछ

    दूध और छाछ से गर्भवती महिलाओं को कैल्शियम और ज़रूरी प्रोटीन मिलता है। दूध और छाछ के छोटे टेट्रा पैक को अपने हैंडबैग में रखना आसान होता है। लेकिन गर्भवती महिलाओं को फ्लेवर वाला दूध नहीं पीना चाहिए क्योंकि उसमें बनावटी फ्लेवर, रंग और चीनी मिलायी जाती है। इसके इस्तेमाल से प्रीक्लेम्पसिया या हाइपरटेंशन का खतरा रहता है। इसलिए नमकीन छाछ से भी दूर रहें।

  10. चिक्की

    मूंगफली, तिल और राजगीर को गुड़ के साथ मिलाकर चिक्की बनायीं जाती है जो आसानी से हैंडबैग मे रखी जा सकती है। इनमें फाइबर, कैल्शियम (तिल से) और ज़रूरी फैटी एसिड पाए जाते हैं। तिल प्रोटीन का बहुत अच्छा स्रोत है, इसके 30 ग्राम इस्तेमाल से ये 5 ग्राम प्रोटीन देता है। तिल को खाने से हाइपरटेंशन, थायराइड कम होता है और हड्डियां मजबूत होती हैं। राजगीर के बीज में आयरन, मैंगनीज, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस होते हैं जो हड्डियों के लिए अच्छे हैं। सिर्फ गुड़ की बनी चिक्की खाएं लेकिन अगर आपको डायबिटीज होने का खतरा है या आपका वजन ज़्यादा है तो चिक्की ना खाएं ।

  11. पानी की बोतल

    गर्भावस्था के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बहुत ज़रूरी है। पानी सारे पोषक तत्वों को सोख लेता है और इन्हें पेट में पल रहे बच्चे तक पहुंचाने का काम करता है। पानी, गर्भावस्था से संबंधित परेशानियाँ जैसे कि कब्ज़, थकान और सिरदर्द को दूर करता है। ये मूत्र मार्ग में संक्रमण (यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फ़ेक्शन) से भी बचाता है. लेकिन आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए की पानी साफ हो। अपने लिए घर से ही भरकर पानी की बोतल अलग रखें और बहुत सारा पानी पिएं।

तो, ये थी कुछ खाने कि चीज़ें जो आप अपने हैंडबैग में आसानी से ले जा सकती हैं। अगर आपके पास और सवाल हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह लीजिए।