बच्चों के लिए सभी पोषक तत्व क्यों ज़रूरी हैं? - जानिए 5 ख़ास कारण

बच्चों के लिए सभी पोषक तत्व क्यों ज़रूरी हैं? - जानिए 5 ख़ास कारण

हर माता-पिता को यह बात पता होती है कि बच्चों के अच्छे तरीके से बढ़ने और विकास के लिए सही पोषक तत्व बहुत ज़रूरी होते हैं। लेकिन कई माता-पिता इस बात पर ज़्यादा ध्यान नहीं देते हैं कि पोषण का बैलेंस, किस तरह से खुश और सेहतमंद बनने में बच्चे की मदद करता है। ज़रूरी पोषण से बच्चों की इम्युनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) बेहतर होती है और इसी कारण बीमारियाँ उनसे दूर रहती हैं। इसलिए, अगर किसी बच्चे को अपने भोजन में अच्छी मात्रा में मैक्रो (स्थूल) और माइक्रो (सूक्ष्म) पोषक तत्व मिलते हैं, तो इससे उसे स्कूल में अच्छा प्रदर्शन करने में मदद मिलती है।

पोषण के अलावा, बच्चे के कुल विकास में जीन और पर्यावरण भी काफी ज़रूरी होते हैं। इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि संतुलित पोषण आपके छोटे और बढ़ते हुए बच्चों को किस तरह से फायदा पहुंचा सकता है।

  • कई अध्ययनों से पता चलता है कि बच्चे के बढ़ते वर्षों के दौरान सही और ज़रूरी पोषण देने से उसकी सेहत और पढ़ाई पर बहुत अच्छा असर पड़ता है। आपके बच्चे को पढ़ाई या खेल में अपनी पूरी क्षमता से प्रदर्शन करने और एनर्जी के लेवल को बनाए रखने के लिए सेहतमंद और संतुलित आहार देना बहुत ज़रूरी है।
  • बचपन में पोषण की ज़रुरत को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता है क्योंकि यह दिमाग के विकास, व्यवहार और एकाग्रता बढ़ाने के लिए बेहद ज़रूरी है।
  • ऐसे आहार या पोषक तत्व जो आपकी सेहत के लिए अच्छे नहीं होते, वे आपकी हड्डियों, मांसपेशियों के विकास पर बुरा असर डालते हैं और टिश्यू (उतकों) की ठीक करने की ताकत को कम कर देते हैं। इससे सीखने की क्षमता और एकाग्रता पर भी असर पड़ता है। यहां तक कि स्नैक्स भी स्वस्थ होने चाहिए।
  • आपके बच्चा का आहार उसके एनर्जी लेवल पर भी असर डालता है। अगर वह अच्छी मात्रा में खाना नहीं खा रहा है तो उसमें थकान और सुस्ती आ सकती है। शक्कर जैसी खाने की कुछ चीज़ें एनर्जी लेवल को तेज़ी से बढ़ा देती हैं पर उसी तेज़ी से इसमें गिरावट भी आती है। सही और सेहतमंद पोषण से बच्चों की ताकत, स्टेमिना बेहतर होता है और इससे पढ़ाई भी अच्छी होती है, साथ ही समस्याओं और बाहरी परेशानियों से लड़ने की ताकत मिलती है।
  • अगर आपकी डाइट अच्छी नहीं है लेकिन वजन ज़्यादा है तो यह आपकी सेहत के लिए सही नहीं है। इससे आपको कई तरह की बीमारियाँ हो सकती हैं। ऐसे में दिल की बीमारी, ब्लड प्रेशर, टाइप-2 डायबिटीज़, हड्डियों से जुड़ी बीमारी और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। थोड़ी समझदारी भरे और सेहतमंद भोजन से आपका बच्चा इन ख़तरों से बच सकता है।
  • खाने से जुड़ी बुरी आदतें और वज़न बढ़ना काफी कम उम्र से शुरू हो जाता है और इसके कारण ही ब्लड प्रेशर या टाइप-2 डायबिटीज़ जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बचपन में खाने पीने से जुड़ी अच्छी आदतें अपनाने पर ये बड़े होने पर भी बनी रहती है। इसलिए अपने बच्चे को जीवन भर स्वस्थ रखने के लिए उसे सेहतमंद खाने से होने वाले फ़ायदों के बारे में बताएँ।
  • सही पोषण, गंभीर बीमारियों का ना होना या स्वास्थ्य समस्याएं और पूर्ण स्वास्थ्य, ये सारी चीज़ें एक दूसरे से जुड़ी हुई हैं जिसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। जंक फूड या खाली कैलोरी कम लेकर, सभी प्रमुख फ़ूड ग्रुप से ज़रूरी पोषक तत्व लेकर और एक्सरसाइज़ या वर्क आउट कर के अपनी सेहत का ख़्याल रख सकते हैं और लंबा जीवन जी सकते हैं।
  • बच्चे के सामाजिक कौशल और व्यवहार को विकसित करने के लिए बेहतर पोषण बेहद ज़रूरी है। इसके साथ ही इससे बच्चों में आत्मविश्वास, बातचीत करने की क्षमता, सोचने और समस्याओं को हल करने की क्षमता भी बेहतर होती है।

तो यह ध्यान रखिए कि आपके बच्चे को कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फैट, विटामिन और मिनरल जैसे सभी पोषक तत्वों वाली संतुलित और स्वस्थ डाइट मिलनी चाहिए। पोषण और बच्चे का विकास एक दूसरे से जुड़े हुए हैं जिसे हम नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते हैं ।

इस बात का ध्यान रखिए कि कुपोषित बच्चे जल्दी-जल्दी बीमार होते हैं, नियमित स्कूल नहीं जा पाते हैं और चाह कर भी अच्छे से खेल नहीं पाते हैं और बड़े होकर भी ऐसे ही रहते हैं। सही मात्रा में पोषण ना मिलने से उनके कद पर भी बुरा असर पड़ता है। स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए अच्छा नाश्ता बेहद ज़रूरी है, इससे वे बेहतर प्रदर्शन करते हैं और हमेशा सक्रिय रहते हैं।

इसलिए यह ज़रूरी है कि आप अपने बच्चों की डाइट में साबूत गेंहू का अनाज, रोटी और चावल, ताज़ी सब्ज़ियाँ और फल शामिल करें। इसके साथ ही प्रोटीन के लिए मछली, अंडा, चिकन और दूध, दही, पनीर और कॉटेज चीज़ जैसे दूध के उत्पादों को शामिल करें।