Top Tips to Boost Your Toddler’s Immunity System

अपने बच्चे की रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाने के सबसे अच्छे तरीके

अपने छोटे से बच्चे को बार-बार बीमार पड़ते हुए देखना काफ़ी बुरा लगता है। लेकिन, अच्छी खबर यह है कि आपके बच्चे की रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाना और उसे बीमारियों से बचाना उतना मुश्किल भी नहीं है। एक बार जब आप जान जाते हैं कि बच्चे को क्या खिलाना है, तो आप निश्चिन्त हो सकते हैं कि वह बार-बार बीमार नहीं पड़ेगा। यहाँ बच्चों के लिए कुछ रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने वाली खाने की चीज़ों की जानकारी दी गयी है जो उन्हें बीमारियों से दूर रखने में मदद करेंगी:

  • अपने बच्चे को स्वस्थ खाना दें: बच्चों को रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने वाली खाने की चीज़ें देना आपके बच्चे को इन्फेक्शन से बचाने का सबसे अच्छा तरीका है। सही मायने में, आपके बच्चे का हर खाना संतुलित आहार होना चाहिए। ताज़े फल और सब्जियां, बीज, अंडे और मछली से प्राप्त ज़रूरी वसा और तेल, रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाने में मदद करते हैं। अपने बच्चे को जितना हो सके अलग-अलग तरह के फल और सब्जियां खिलाने की कोशिश करें।
  • अपने बच्चे को विटामिन सी से भरपूर खाना खिलाएं: छोटे बच्चों के लिए विटामिन सी सबसे अच्छा इम्यून बूस्टर (रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने वाला ) होता है। यह विटामिन आपके बच्चे को सर्दी और फ़्लू से बचाता है। यह खट्टे फल, हरी पत्तेदार सब्जियां, अमरूद और स्ट्रॉबेरी जैसी चीज़ों में पाया जाता है।
  • विटामिन बी6 से भरपूर खाने को शामिल करें: रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाने वाला एक और विटामिन है विटामिन बी6। यह विटामिन साबुत अनाज, फलियां, हरी पत्तेदार सब्जियां, मछली, शेलफिश, मांस, मुर्गी और नट्स में पाया जाता है। अपने बच्चे को नट्स खिलाने का एक आसान तरीका है कि उन्हें पीसकर अनाज या दलिया में मिला लिया जाए।
  • आयरन (लौह) वाला खाना दें: आयरन (लौह) एक और पोषक तत्व है जो बच्चों में रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने का काम करता है। लाल मांस, मछली, चिकन, अंडे और हरी पत्तेदार सब्जियां आयरन (लौह) के अच्छे स्रोत हैं। आप अपने बच्चे को 6 महीने की उम्र से उबली और मैश की हुई हरी पत्तेदार सब्जियाँ खिलाना शुरू कर सकते हैं।
  • ध्यान रखें कि आपके बच्चे को पूरी नींद मिले: एक बच्चे में रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने के लिए सही खाना खिलाने के अलावा, आपको यह भी ध्यान रखना चाहिए कि आपके बच्चे को पूरी नींद मिले। ऐसा इसलिए क्योंकि सोते समय शरीर अपने आपको ठीक करके नई ताज़गी भरता है।

बच्चे का बीमार पड़ना हर माँ के लिए एक बुरे सपने की तरह होता है। और इस लिए आप अपने घर को बिल्कुल साफ़-सुथरा और कीटाणु मुक्त रखना चाहती हैं, लेकिन ये इतना भी ज़रूरी नहीं है। अगर आपका बच्चा कभी-कभी छींकता है तो इसमें डरने की कोई बात नहीं है। उसे मिट्टी में खेलने दें। याद रखें, जब तक आपके बच्चे को बहुत ज़्यादा इन्फेक्शन ना हो तब तक उसका कीटाणुओं के साथ होने वाला हर संपर्क आगे जाकर उसकी रोग प्रतिरोधक शक्ति को मजबूत करेगा।