Tips to help ease post-delivery constipation

शिशु की डिलीवरीके बाद है कब्ज़ की समस्या ? ऐसे पाएँ छुटकारा

अब डिलीवरी के बाद आखिरकार आप अपने नन्हें से बच्चे को अपनी गोद में उठाने का खूबसूरत अनुभव महसूस कर सकती हैं! लेकिन शिशु के जन्म के बाद खुशियों के साथ साथ आपकी ज़िम्मेदारियाँ भी बढ़ जाएंगी। डिलीवरी के बाद का समय एक ऐसा समय होता है जब आपको ज़्यादा से ज़्यादा ऊर्जा और समय अपने शिशु के देखभाल में ही बिताना होगा। लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि आप अपने शरीर और स्वास्थ्य के बारे में बिलकुल नहीं सोचेंगी। इस समय आपको नींद की कमी और थकान तो होगी ही, साथ ही आपको कब्ज़ जैसी समस्या से भी जूझना पड़ सकता है, डिलीवरी के बाद यह समस्या बहुत आम है। इस समस्या से आपको ऐसा महसूस होगा कि जो काम पहले मिनटों में ही हो जाता था अब उसमें ज़रूरत से ज़्यादा समय लग रहा है। सुबह सुबह शौच का रूटीन अब पहले जितना आसान नहीं होगा। यही नहीं आपको कब्ज़ के दौरान पेट में अत्यधिक दर्द भी महसूस हो सकता है। हालांकि कुछ सुझाव ऐसे हैं जिनकी मदद से आप कब्ज़ जैसी समस्याओं से निजात पा सकती हैं। इस आर्टिकल में आपको पता चलेगा कि शिशु के जन्म के बाद माँ को कब्ज़ की समस्या क्यूँ होती है और इससे निपटने के आसान उपाय क्या हैं।

डिलीवरी के बाद कब्ज़ का कारण

जब आप इस तरह के कब्ज़ के बारे में सोच रही होंगी तो आपके दिमाग में ऐसे सवाल आते होंगे:

क्या डिलीवरी के बाद मैं जो दवाइयाँ खा रही हूँ, यह उसके कारण हो रहा है?

हाँ यह सच है कि डिलीवरी के बाद खाई जाने वाली कुछ दवाइयों के कारण कब्ज़ की समस्या हो जाती है। डिलीवरी के बाद दर्द से राहत के लिए आपके डॉक्टर ने आपको कुछ ज़रूरी दवाइयाँ बताई होंगी। ये पेनकिलर या नींद की दवाई हो सकती है। यूं तो यह दवाइयाँ दर्द कम करने के लिए बेहद फ़ायदेमंद हैं लेकिन इनके कारण कब्ज़ की समस्या भी हो सकती है। लेकिन अच्छी खबर यह है कि जब इन दवाइयों का कोर्स पूरा हो जाएगा तो आपकी कब्ज़ की समस्या भी दूर हो जाएगी। यहाँ तक कि इस डिलीवरी के बाद विटामिन खाने से भी आपको कब्ज़ की समस्या हो सकती है। उदाहरण के लिए इन सप्लीमेंट में मौजूद आयरन के कारण भी कब्ज़ हो सकता है। लेकिन शिशु के जन्म के बाद आपको विटामिन और मिनरल के सप्लीमेंट ज़रूर लेने चाहिए क्यूंकी आपका शिशु अपने विकास और अच्छे स्वास्थ्य के लिए स्तनपान पर ही निर्भर करता है। हालांकि आप अपने डॉक्टर से एक ऐसे सप्लीमेंट के बारे में पूछ सकती हैं जिससे डिलीवरी के बाद कब्ज़ की समस्या न हो।

क्या यह समस्या केवल मुझे ही है?

नहीं, शिशु के जन्म के बाद ज़्यादातर महिलाओं को यह समस्या होती है। जो महिलाएं ऑपरेशन के बिना शिशु को जन्म देती हैं उनमें यह समस्या ज़रूर होती है। शिशु को जन्म देने के बाद उनके शरीर का निचला हिस्सा बहुत नाज़ुक हो जाता है। और वे सामान्यतः दर्द के वजह से भी मलत्याग के लिए ज़्यादा ज़ोर नहीं लगाती हैं और उन्हें इस बात का भी डर रहता है कि वैजाइनल एरिया में लगे टांके खुल जाएंगे। बल्कि जो महिलाएं सी सेक्शन से शिशु को जन्म देती हैं वे भी ज़्यादा ज़ोर नहीं लगाती हैं क्यूंकी उन्हें डर रहता है कि ऑपरेशन के बाद उनके पेट में लगे टांके खुल जायेंगे। यह डर ज़्यादातर मानसिक ही होता है। आखिरकार आपको स्टूल्स के लिए थोड़ा सा ज़ोर तो लगाना ही पड़ता है। याद रखें कि शिशु के जन्म के बाद आपके वैजाइनल एरिया या पेट में लगे टांके खुलेंगे नहीं। हेमोरोइड की समस्या से जूझने वाली महिलाओं को भी कब्ज़ की समस्या होती है और ऐसे मामलों में वे पॉटी रोकती हैं। हालांकि आप हेमोरोइड के दर्द को कम करने के लिए कुछ दवाइयाँ ले सकती हैं।

क्या ये समस्या मेरी पाचन प्रणाली के कारण होती है?

कुछ माओं के साथ ऐसा होता है कि उनकी पाचन प्रणाली प्राकृतिक रूप से खराब या धीमी ही रहती है। ऐसा हॉर्मोनल बदलाव या खान पान की आदतों के कारण होता है। हालांकि आप इस समस्या को कम करने के लिए बेहतरीन उपाय अपना सकते हैं। उदाहरण के लिए आप फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थ अपने आहार में शामिल कर सकती हैं। इसके लिए आप ओटमील, भूरे चावल, सब्जियाँ और फल खा सकती हैं।

डिलीवरी के बाद कब्ज़ की समस्या से कैसे निपटें?

आहार में अधिक फाइबर वाले अनाज शामिल करें

पेट का स्वास्थ्य सही रखने के लिए फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थ खाना बहुत ज़रूरी होता है। नीचे बताए गए अनाज फाइबर से भरपूर हैं:

  • मोटे अनाज
  • ब्रेड
  • भूरे चावल
  • ओट्स और फ्लैक्ससीड

अपने आहार में सूखे मेवे और ड्राई फ्रूट शामिल करें।

किशमिश, सूखे खुबानी, सूखे प्लम, और अंजीर आपके आहार में पर्याप्त फाइबर और पोषण की मात्रा बढ़ा सकते हैं। डिलीवरी के बाद कब्ज को रोकने के लिए, आप कुछ नट्स भी शामिल कर सकते हैं। नट्स ओमेगा -3 फैटी एसिड का एक अद्भुत स्रोत हैं।

ताज़ा खाना ही खाएं

ताजे फल और सब्जियां विटामिन और मिनरल का एक अच्छा स्रोत हैं और पेट के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। आपको ये फल और सब्जियाँ कच्चे या उबले रूप में खाने की कोशिश करनी चाहिए। कोशिश करें कि आप यह खाद्य पदार्थ छिलके समेत ही खाएं।

बीन्स शामिल करें

फलियाँ, दाल, और ब्लैक बीन्स को सूप, सलाद या सालसा के रूप में खाया जा सकता है।

मुलायम चीजें खाएं

चिकन, मछली और पास्ता से बने व्यंजनों में जैतून का तेल शामिल करना, चिकनाई में सुधार कर सकता है।

हाइड्रेटेड रहने के लिए खूब पानी पिएं। आपको एक दिन में कम से कम आठ गिलास पानी पीना चाहिए।

आप पेट के सही स्वास्थ्य के लिए ताजे फलों का जूस या अन्य सेहतमंद तरल पदार्थ ले सकती हैं।

कुछ महिलाओं को एक कप गरम नींबू पानी फ़ायदेमंद लगता है।

शारीरिक गतिविधियां करें

गतिहीन जीवनशैली से आपको कुछ फ़ायदा नहीं होगा। हालांकि सी-सेक्शन जैसी बड़ी सर्जरी के बाद चलना या घूमना फिरना निश्चित रूप से चुनौती पूर्ण होता है, आपको अपने पेट के बेहतर स्वास्थ्य के लिए जितना ज़्यादा हो सके उतना सक्रिय रहने की कोशिश करनी चाहिए।

आराम करें

नए रूटीन की आदत डालना आपके लिए थोड़ा मुश्किल हो सकता है लेकिन तनाव के कारण भी पेट का स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। आराम करें और सर्जरी से उबरने के लिए और अपने सिस्टम को वापस सामान्य करने के लिए भरपूर नींद लें।

डिलीवरीकेबादकब्जसेकैसेबचें?

अब, हम उन खाद्य पदार्थों के बारे में बात करेंगे जिनसे आपको परहेज करना चाहिए।

  • प्रोसेस्ड आटे से बने सफेद चावल, सफेद ब्रेड या नूडल्स जैसे प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से बचें।
  • चॉकलेट से बचें
  • कच्चे केले से परहेज करें

अगर ऊपर बताए गए उपाय अभी भी काम नहीं कर रहे हैं, तो आप फाइबर के सप्लीमेंट लेने के बारे में भी सोच सकती हैं। विभिन्न बुलिंग एजेंट उपलब्ध हैं जो पेट के स्वास्थ्य को बढ़ा सकते हैं। अच्छे उदाहरण गेहूं की भूसी और साइलियम भूसी हैं। हालाँकि, इन्हें लेने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श करें। आपका स्वास्थ्य सलाहकार आपको लेक्सेटिव या अन्य स्टूल सॉफ़्टनर लेने की सलाह दे सकता है।