फ़ास्ट फ़ूड खाना लगभग सभी को बहुत पसंद होता है। फ़ास्ट फ़ूड हमारे रोज़ के दिनों में एक आसान आहार के रूप में मौजूद रहते हैं जो कि बच्चों को ख़ास तौर पर पसंद आते हैं। और फ़ास्ट फ़ूड बहुत ज़्यादा सैचुरेटेड फैट से भरे होते हैं, जिनमें नमक और चीनी की मात्रा बहुत ज़्यादा होती है, जिसके अत्यधिक सेवन से हमें कई सारी गंभीर बीमारियाँ हो सकती हैं जैसे कि डायबटीज़, हाई ब्लड प्रेशर, हाईपरटेंशन आदि। लेकिन अपने बच्चे को पिज़्ज़ा बर्गर और पेस्ट्री खाने से हमेशा मना कर पाना बहुत मुश्किल है। इसलिए यहां पर कुछ ऐसे तरीक़े बताए गए हैं जिससे आप फ़ास्ट फ़ूड को काफ़ी हद तक हल्का और पौष्टिक बना सकते हैं। इससे दोनों का ही फ़ायदा होगा। आइए जानें-

एक सेहतमंद विकल्प चुनें

बिना तेल/बटर वाला डोसा ऑर्डर करें। फ़्राईड आलू की जगह पर मिक्स सब्जी वाला सांभर और चटनी लें।

मसाला डोसा से परहेज करें बल्कि उसकी जगह कम या बिना तेल/बटर वाला प्लेन डोसा, या स्प्रिंग डोसा, रागी डोसा, मिक्स्ड सीरियल डोसा, या पालक डोसा खाएं

खाने में नमक की ज़्यादा मात्रा हानिकारक हो सकती है क्योंकि इससे कार्डियोवस्कुलर बीमारियों को ख़तरा होता है। वयस्कों के लिए खाने में प्रतिदिन 5 ग्राम से कम नमक उनके ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों, कोरोनरी अटैक और स्ट्रोक के रिस्क को कम करता है। इसलिए, हमारी सलाह यही है कि आप कम से कम नमक वाली चीज़ें खाएं और अपने बच्चे को भी खिलाएं।

  1. गेँहू के आटे का बना प्लेन पराठा, गोभी पराठा या अजवाइन पराठा खाएं, आलू या पनीर पराठे से परहेज करें। मक्खनकी जगह ताज़ा दही लें। अपने बच्चे को सब्ज़ियाँ जैसे प्याज़, खीरा, टमाटर या ताज़ा मेथी आदि खाने के लिए प्रोत्साहित करें।

  2. फ़ास्ट फ़ूड की मात्रा कम करें

    1. गेंहू के आटे से बना बर्गर खिलाएं और बहुत बड़ा बर्गर या सैंडविच लेने की बजाए एक छोटे साइज़ का साधारण बर्गर जो कि सब्जियों से भरा हो और चीज़/मेयोनीज़ की मात्रा भी कम हो।

    2. अपने बच्चे के लिए छोटा डोसा या पराठा ही लें और साथ में सलाद, दही या बटरमिल्क ज़रूर रख सकते हैं।

  3. तले भोजन की बजाय ग्रिल किए हुए डिश चुनें

    1. तेल में तले हुए क़बाब या क्रिस्पी चिकन सैंडविच की जगह पर ग्रिल किए गए चिकन ब्रेस्ट कम फ़ैट वाला फिश और सैंडविच खिलाएं।

    2. भुना हुआ मीट भी एक अच्छा विकल्प है।

    3. डीप-फ्राइड पकोड़े की तुलना में एयर-फ्राइड पकोड़े ज़्यादा बेहतर हैं।

  4. खाने में नमक की मात्रा

  5. कॉर्बोनटेड और अन्यबेवरेजेज़ से परहेजकरें

    1. कॉर्बोनटेड और आइस टी जैसे बेवरेज में चीनी/ मीठापन अत्यधिक मात्रा में होता है जो कि शरीर में कैलोरी को बढ़ाते हैं. इसकी जगह, ताज़ा नींबू पानी पिएं जिसमें बहुत ही कम या बिल्कुल भी मिठास न हो।

    2. क2. कॉर्बोनटेड ड्रिंक्स की जगह पर आप फ़ल, मिल्क शेक या बिना किसी एडेड शुगर के रागी माल्ट पी भी सकते हैं।

  6. मिल बांट कर खाएं

    अगर आपके बच्चे फ़ास्ट फ़ूड की ज़िद करते हैं तो उन्हें परिवार और दोस्तों के साथ बांट कर खाने के लिए प्रोत्साहित करें इस तरह से वे इंटर-पर्सनल गुण भी सीखेंगे और हिसाब से खाएंगे।

  7. घर पर बने स्नैक्स दें

    अगर बच्चों को स्नैक्स देना चाह रहे हैं तो कोशिश करें कि आप घर पे बने पौष्टिक स्नैक्स रखें जैसे होल-वीट सैंडविच, प्लेन होल-ग्रेन क्रेकर्स, नट्स, ड्राई फ्रूट्स, फ़ल आदि। इस तरह से आप उन्हें अत्यधिक फ़ास्ट फ़ूड खाने से रोक रखते हैं।

  8. कम फ़ैट और ज़्यादा प्रोटीन और फ़ाइबर युक्त खाद्य पदार्थ चुनें

    1. सलाद ज़रूर खाएं क्योंकि यह फ़ाइबर और पोषण से भरपूर होते हैं।

    2. बिना शहद का फ़ल खिलाएं

    3. सलाद में थोड़ा सा काला या देसी चना दही के साथ मिलाकर परोसें

    4. 4. सजावट के लिए ड्राई फ्रूट्स इस्तेमाल कर सकते हैं।

    5. अन्य किसी मीठे डिश की बजाय फ्रूट कस्टर्ड खाएं।

    6. 6. फ्रेंच फ्राइज़ की जगह पर बेक की हुई शकरकंद चुनें। क्योंकि इसमें पोटेशियम और विटामिन ए होता है और इसमें कैलोरी भी कम होती है।

    7. मूँगफली की चिक्की भी एक सेहतमंद विकल्प है।

    8. पॉपकॉर्न भी एक अच्छा स्नैक है क्योंकि यह होल-ग्रेन से बना होता है।

  9. कैन और पैकेट बंद खाने के पोषक तत्वों और मूल्यों पर ख़ास ध्यान दें

    1. कोई भी केन और पैकेट बन्द खाने की चीज़ खरीदने से पहले उनके पोषक लेबल को पढ़ें।

हाई- कैलोरी और हाई-फ़ैट वाली चीज़ों से परहेज करें।

बिना नमक और चीनी वाले ताज़े फलों के जूस, फ्लेवर्ड पानी या ताज़ा नींबू पानी पियें।

फ़ूड पॉइज़निंग से बचने के लिए पैकेट बन्द सामान की ख़राब होने और बनने की तारीख़ को ध्यान से पढ़ें।

इन सबसे बड़ी बात,अगर आप ज़रा सी सावधानी रखें तो फ़ास्ट फ़ूड को सेहतमंद बनाना बिल्कुल संभव है जैसे कि खाने की मात्रा, सामग्री और अतिरिक्त चीज़ें आदि। आप स्वयं सावधान रहते हुए अपने बच्चों में खाने की सेहतमंद आदतें डाल सकती हैं।