A list of nutrients that help your kid’s brain develop

बच्चों के दिमाग़ी विकास को बढ़ाने के तरीके

बच्चे जैसे-जैसे बड़े होते हैं, वैसे-वैसे वो बहुत कुछ सीखते हैं। पढ़ने से लेकर गाना सुनने तक, बहुत सारे काम हैं जो उनके दिमाग़ी विकास को बढ़ाते हैं। ऐसे में, यह जानना ज़रूरी है कि बच्चे को क्या खिलाना चाहिए ताकि वह ज़्यादा होशियार और सेहतमंद बने। यहां उन पोषक तत्वों के बारे में बताया गया है जो बच्चों के दिमाग़ी विकास में मदद करते हैं:

  • एंटीऑक्सिडेंट: ये पोषक तत्व आपके बच्चे के दिमाग के लिए रक्षक (गार्ड) की तरह काम करता है और लंबे समय तक, लगने वाली सामान्य चोटों से बचाता है। एंटीऑक्सिडेंट के सबसे अच्छे स्रोत हरी पत्तेदार सब्जियां, अंगूर, ड्राई फ्रूट्स आदि हैं। हल्के रंग वाले फल और सब्जियां बहुत सारे एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होते हैं। इसके अलावा, नट्स, बीज, और इनसे बने हुए मक्खन एंटीऑक्सिडेंट विटामिन ई के बहुत अच्छे स्रोत होते हैं, जो खासतौर पर दिमाग़ी कोशिका झिल्ली (ब्रेन-सेल्स) को नुकसान पहुंचने से बचाते हैं।
  • कोलीन: यह पोषक तत्व दिमाग के ठीक तरह से काम करने के लिए बहुत ज़रूरी है क्योंकि यह न्यूरोट्रांसमीटर एसिटाइलकोलाइन के प्रीकर्सर (अग्रिम) के रूप में काम करता है; यह फॉस्फोलिपिड्स का ही एक भाग है जो कोशिका झिल्ली (सेल मेंब्रेन) के विकास के लिए ज़रूरी है; और इसे मिथाइल डोनर बीटाइन में भी बदला जा सकता है। गर्भावस्था के दौरान, यह दिमाग़ी बनावट के विकास के लिए बहुत ज़रूरी है क्योंकि यह मूल कोशिका (स्टेम सेल) के फैलाव और एपोप्टोसिस (कोशिकाओं का मरना) पर एक बड़ा असर डालता है। हालांकि यह शरीर में भी बनाया जा सकता है लेकिन उसकी मात्रा काफ़ी नहीं होती है, इसलिए शरीर में मौजूद होने के बाद भी ऐसी चीज़ों को खाने की ज़रूरत होती है जो कोलीन से भरपूर हो। अंडे (अंडे की जर्दी), बीन्स, ब्रोकोली, स्प्राउट्स, दही, और फूलगोभी कोलीन से भरपूर होते हैं। कोलीन से भरपूर खाने को तैयार करने के कुछ आसान तरीके हैं अंडो को तलना, स्प्राउट्स पेनकेक्स, या वेफल्स बनाना आदि। आप हल्की तली हुई ब्रोकोली या फूलगोभी भी बना सकतीं हैं।
  • ओमेगा -3 फैटी एसिड: इन्हें सेहतमंद फैटी एसिड माना जाता है। ये दिमाग और आंखों के विकास के लिए बहुत ज़रूरी हैं। अंडे, दही, अखरोट, अलसी के बीज, सैल्मन मछली और झींगा ओमेगा -3 फैटी एसिड के कुछ अच्छे स्रोत हैं। आप कुछ आसान रेसिपीज़ की मदद से बच्चे के लिए ओमेगा -3 फैटी एसिड से भरपूर खाना तैयार कर सकतीं हैं। आप कुछ नट्स स्नैक्स, सूखे जामुन, अखरोट, और अनाज को मिलाकर सैल्मन मछली बना सकतीं हैं।
  • कांप्लेक्स कार्बोहाइड्रेट: ये हमारे दिमाग के लिए खाने का ज़रूरी स्रोत है और इसके काम करने के लिए बहुत ज़रूरी है। शरीर द्वारा इन्हें सोख लेने के बाद कांप्लेक्स कार्बोहाइड्रेट ग्लूकोज में टूट जाते हैं। यह ग्लूकोज शरीर के लिए ताकत का ज़रूरी स्रोत है। काम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट में मौजूद फाइबर शरीर के ऊर्जा अवशोषण को काबु में रखते हैं और इस बात का ध्यान रखते हैं कि दिमाग को ज़रूरत के हिसाब से ऊर्जा धीरे और नियमित तरीके से मिले। कुछ खाने की चीज़ें जिनमें काम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट ज्य़ादा मात्रा में पाए जाते हैं वे हैं साबुत अनाज की ब्रेड, अनाज जैसे जई, गेहूं का पास्ता, भूरा या लाल चावल। आप कुछ साधारण सा खाना भी बना सकतीं हैं जैसे कि नाश्ते के लिए एक कटोरी अनाज या जी, पीनट बटर के साथ गेहूं की रोटी (सैंडविच) मटर, सेम, आलू, आदि।
  • आयोडीन: यह दिमाग़ी विकास के लिए एक बहुत ज़रूरी चीज़ है। शरीर में आयोडीन की कमी की वजह से दिमाग को भारी नुकसान पहुंच सकता है और सामान्य विकास में कमी हो सकती है। आयोडीन थायराइड हार्मोन के बनने के लिए बहुत ज़रूरी है, जो कोशिका चयापचय (सेल मेटाबोलिज्म) पर असर डालती है।
  • आयरन: आयरन की कमी से एनीमिया (खून की कमी) की समस्या होती है। इसके अलावा, बड़े बच्चों में, आयरन की कमी से ध्यान केंद्रित करने की समस्या होती है। हरी पत्तेदार सब्जियों में आयरन ज़्यादा मात्रा में पाया जाता है।
  • विटामिन: विटामिन बी12 की कमी से मंदबुद्धि होने के लक्षण के साथ - साथ गंभीर ब्रेन एट्रोफी की समस्या हो सकती है। ऐसे में, फ़्रन्टल और टेम्पॅरॅल लोब पर सबसे ज़्यादा असर पड़ता है। विटामिन डी, न सिर्फ़ कैल्शियम को नियमित करने में मदद करता है, बल्कि डी 3 दिमाग के विकास के लिए भी ज़रूरी होता है।
  • फोलिक एसिड: यह दिमाग के विकास के लिए बहुत ज़रूरी होता है क्योंकि यह न्यूक्लियोटाइड बनाने में, डीएनए अखंडता और ट्रांसक्रिप्शन (एक ऐसी प्रक्रिया जिसमें एक आरएनए अणु बनाने के लिए एक जीन के डीएनए अनुक्रम को कॉपी किया जाता है) को प्रभावित करता है। गर्भवती महिलाओं के लिए फोलिक एसिड लेना बहुत ज़रूरी है।

इसलिए, यह साफ़ है कि ये सुपर खाने की चीज़ें हैं जो बच्चे के दिमाग़ी विकास के लिए बहुत ज़रूरी होते हैं और इन्हें संतुलित आहार के रूप में बच्चों को रोज़ दिया जाना चाहिए।