Diet and Nutrition to Increase Your Child's Weight

बच्चों का वज़न बढ़ाने के लिए उनकी डाइट में करें ये 4 बदलाव

जब बात बच्चों के सही वृद्धि और विकास की हो, तो उनका सही वज़न बहुत मायने रखता है। जब बच्चों का वज़न सामान्य से कम होता है तो माता-पिता होने के नाते आपको उसकी फ़िक्र होना और उसका वज़न कैसे बढ़ाया जाए, यह सोचना काफ़ी स्वाभाविक है।

अगर आपके बच्चे का वज़न सामान्य से कम है तो इसका मतलब यह भी हो सकता है कि बच्चे को सारे ज़रूरी पोषक तत्व सही मात्रा में नहीं मिल रहे हैं। हालांकि, अगर बच्चों की डाइट पर नज़र रखी जाए और उनमें खाने की अच्छी आदतें डाली जाए, तो जैसा वज़न चाहते हैं वो हासिल किया जा सकता है और उसे बनाए रखा जा सकता है। जब बच्चे का वज़न कम होता है तो ज़्यादातर लोग उसे ज़्यादा खिलाने लग जाते हैं या ज़बरदस्ती खाना खिलाते हैं, लेकिन ऐसा करने से फ़ायदे की जगह नुकसान ही होता है।

तो, बच्चों का वज़न सुरक्षित रूप से किस तरह बढ़ाया जा सकता है?

अपने बच्चों को डॉक्टर के पास ले जाकर इस बात का पता लगाया जा सकता है कि उनका वज़न किसी बीमारी के कारण तो कम नहीं हो रहा है या फिर उनकी डाइट की वजह से ऐसा हो रहा है। इसके बाद, आप उसके खान-पान में बदलाव लाकर उसका वज़न बढ़ा सकते हैं। इस बात का ज़रूर ध्यान रखना चाहिए कि बच्चों को ज़्यादा फै़ट और शुगर वाला खाना देने से आपके बच्चे का थोड़ा वज़न तो बढ़ जाएगा लेकिन यह सेहत के लिए ठीक नहीं है, क्योंकि इस तरह के भोजन से उन्हें किसी तरह के पोषक तत्व नहीं मिलते हैं।

यहां कुछ ऐसे बदलाव दिए गए हैं जिन्हें बच्चे की डाइट में शामिल करके उसका वज़न स्वस्थ तरीके से बढ़ाया जा सकता है

1. प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करें : बच्चों के लिए प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों में से अंडा ऐसा खाद्य पदार्थ है, जो आप उन्हें रोज़ खिला सकते हैं। अंडे में प्रोटीन के अलावा विटामिन ए और विटामिन डी जैसे दूसरे पोषक तत्व भी होते हैं। आप अंडों के अलावा उनकी डाइट में चीज़ और पनीर भी शामिल कर सकते हैं, क्योंकि इनमें प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन ए और विटामिन बी12 होते हैं। उबले अंडे पर या आमलेट पर चीज़ छिड़ककर बच्चे को खिला सकते हैं। दही भी एक अच्छा विकल्प है। नाश्ते के समय इसे ऐसे ही या फलों के साथ दिया जा सकता है। सादा दूध, छाछ, मिल्कशेक, और स्मूदी वगैरह पेय पदार्थों में भी प्रोटीन होता है और इन चीज़ों को खाने के बीच में दिया जा सकता है। बच्चों को सूप देते वक्त उसमें थोड़ा दूध मिलाकर भी दे सकते हैं।

2. स्वस्थ कार्बोहाइड्रेट शामिल करें: कार्बोहाइड्रेट बहुत ज़रूरी होते हैं क्योंकि ये सबसे ज़्यादा एनर्जी देते हैं और प्रोटीन को उसका काम करने में मदद करते हैं। बच्चों को साबुत अनाज से बनी चीज़ें (जैसे गेहूं की ब्रेड या पास्ता) देकर उनकी डाइट में स्वस्थ कार्बोहाइड्रेट शामिल किए जा सकते हैं। मैदे जैसे रिफाइंड कार्ब से बनी चीज़ों का इस्तेमाल कम ही करना चाहिए। बच्चों की डाइट में आलू, शकरकंद और कॉर्न जैसी चीज़ें भी शामिल की जा सकती हैं। दूध, सोया मिल्क या बादाम मिल्क, ओट्स से बना दलिया खाने से भी बच्चों को स्वस्थ कैलोरी मिलती हैं।

3. रोज़ाना की डाइट में नट्स को शामिल करें: नट्स को बच्चों के लिए अच्छा पौष्टिक खाद्य पदार्थ माना जाता है। इन्हें खाने से शरीर को भरपूर मात्रा में एनर्जी और अच्छा फै़ट मिलता है। बादाम, मूंगफली, अखरोट जैसी चीज़ें बच्चों के दिमागी विकास के लिए अच्छी होती हैं और इन्हें थोड़ी मात्रा में उनकी डाइट में शामिल करना चाहिए। आप बच्चों को ड्रायफ़्रूट मिल्कशेक के रूप में या नाश्ते के समय दलिया में मिलाकर या ऐसे ही खिला सकते हैं।

4. फ़ैट/तेल को सेहतमंद तरीके से डाइट में शामिल करें : फ़ैट (वसा) भी एनर्जी का अच्छा स्रोत होता है। घी भी फ़ैट का अच्छा स्रोत है जिसे भारत में बहुत पसंद किया जाता है और यह सेहत के लिए बहुत फ़ायदेमंद है। इसमें ऐसे अच्छे फ़ैट्स भी होते हैं जो दिल के लिए फ़ायदेमंद होते हैं. साथ ही इसमें विटामिन ए, विटामिन डी, विटामिन इ और विटामिन के जैसे बहुत से दूसरे पोषक तत्व भी होते हैं, जो बहुत से शारीरिक कामों में मदद करने के साथ-साथ दिमाग और इम्यून सिस्टम के लिए अच्छे होते हैं। सब्ज़ियों या मांस को घी में तल कर देने से या इसे चपाती और पराठे पर लगाकर देने से बच्चों का वज़न सही तरीके से बढ़ाने में मदद मिलती है। मांस पकाने से पहले उस पर घी की परत लगाई जा सकती है। घी के अलावा कनोला, नारियल और ज़ैतून के तेल से भी खाना पकाया जा सकता है क्योंकि इनमें स्वस्थ फ़ैट होता है। बच्चों की एनर्जी बढ़ाने के लिए नारियल तेल को मिल्कशेक या स्मूदी में भी मिलाया जा सकता है (बहुत कम मात्रा में, जिससे कि मिल्कशेक का स्वाद बना रहे)।

यहां बच्चों को खाना खाने के लिए प्रेरित करने के कुछ सुझाव दिए जा रहे हैं:

  • एक बार में कम खिलाने की कोशिश करें। अगर आपका बच्चा एक बार में ज़्यादा खाना नहीं खा सकता तो अच्छा होगा कि उसके खाने को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट लें और दिन भर उसे थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खाने को दें।
  • खाने के समय माहौल को खुशनुमा बनाएं रखें और बच्चों को खिलाते समय जल्दबाज़ी ना करें।
  • बच्चे को खाने की योजना बनाने, किराने का सामान खरीदने और खाना बनाने में शामिल करना एक अच्छी पहल होगी। अगर संभव हो तो अपने गार्डन में कुछ सब्ज़ियां उगाते समय भी अपने बच्चों को साथ रखें और उनकी मदद लें। ऐसा करने से बच्चों को खाद्य पदार्थों को खाने में रुचि बढ़ेगी।

किसी भी बच्चे के पूरी तरह से वृद्धि और विकास के लिए उसका सही वज़न बनाए रखना बहुत ज़रूरी होता है। बच्चे का वज़न ज़रूरत से ज़्यादा कम या ज़्यादा होने से उस पर कई बीमारियों का ख़तरा बना रहता है। इसलिए सेहत बनाए रखने और ठीक रहने के लिए पौष्टिक आहार लेना ज़रूरी है। इसका सबसे अच्छा तरीका यह है कि जो खाना आप खाते हैं वह पोषक तत्वों से भरपूर होना चाहिए। ऊपर दिए गए खाद्य पदार्थों को खाने में शामिल करने के तरीके सिर्फ़ बच्चों के वज़न बढ़ाने के नुस्खे ही नहीं हैं बल्कि ये ऐसे तरीके हैं जिनसे आप अलग-अलग चीज़ों को बच्चों की डाइट में सही तरीके से शामिल कर सकते हैं। ऐसा करने से आपके बच्चे को ना सिर्फ़ कैलोरी मिलेगी बल्कि सभी ज़रूरी पोषक तत्व भी मिलेंगे। आखिरकार, पोषक तत्वों के बिना किसी भी बच्चे की सही वृद्धि और विकास नहीं हो पाता है।