बच्चे को कब और कैसे नहलाना शुरू करें

बच्चे को कब और कैसे नहलाना शुरू करें

अगर आप पहली बार पैरेंट बने हैं तो आपके लिए बच्चे को नहलाना एक कठिन काम हो सकता है क्योंकि इस समय आपके मन में बहुत सारे सवाल, चिंताएं और दुविधाएं होती हैं। हो सकता है आप यह सोचते हों कि क्या बच्चे को रोज़ नहलाना ज़रूरी है या उसे हर दूसरे दिन नहलाना चाहिए? बच्चे को खाना खिलाने के पहले नहलाएं या उसके बाद? उसे सुबह नहलाया जाए या रात में?

बच्चे को नहलाना थोड़ा कठिन हो सकता है लेकिन थोड़ी सी तैयारी और सही तरीके अपनाने से आप अपनी ज़िंदगी के नए सफ़र को मज़ेदार और ख़ुशनुमा बना सकते हैं, खासकर नई मांओं के लिए।

विशेषज्ञों के अनुसार नवजात शिशुओं को नहलाने का समय उनके पेरेंट्स तय कर सकते हैं। जब भी आप और आपका बच्चा दोनों तैयार हों, आप उसे सुबह, दोपहर या रात में नहला सकते हैं। कई लोग अपने बच्चे को सुबह नहलाना पसंद करते हैं जब बच्चे जागे हुए और तरोताज़ा होते हैं। वहीं कुछ लोग इसके लिए रात का समय चुनते हैं ताकि उनके बच्चे को अच्छी नींद आ सके।

बच्चे को नहलाने के लिए ऐसा समय चुनना अच्छा होगा जब आप जल्दबाज़ी में ना हों। भारत में माता-पिता, नवजात शिशु को नहलाने के लिए एक आया रखते हैं जो ठीक भी है। लेकिन ऐसा करने से माँ-बाप ख़ुद अपने बच्चे के साथ एक भावनात्मक रिश्ता क़ायम करने का मौका खो देते हैं। बच्चों के साथ ज़्यादा से ज़्यादा समय बिताने से भावनात्मक रिश्ता मज़बूत होता और बच्चे को नहलाने का समय आपके दिन का सबसे अच्छा समय बन सकता है। और तो और माँ का स्पर्श एक बच्चे की वृद्धि और विकास लिए जादूई रूप से फ़ायदेमंद हो सकता है।

आपको अपने बच्चे की दिनचर्या के बारे में भी सोचना चाहिए। सामान्यतः भारत में, बच्चों को सुबह जल्दी नहलाया जाता है। पर अगर आपका बच्चा रात में देर से सोता है तो उसे नहलाने के लिए सुबह जल्दी उठाने का कोई फ़ायदा नहीं है। ऐसा करने पर नहलाना आपके और बच्चे दोनों के लिए तनावपूर्ण बन सकता है। इसलिए ख़ुद को बच्चे की दिनचर्या समझने का समय दीजिये। बच्चे के सामान्य इशारों को पहचानिये और उसकी सामान्य दिनचर्या को समझिये। यह याद रखिये कि जैसे- जैसे बच्चा बढ़ता है वैसे -वैसे उसकी दिनचर्या बदलती है।

विशेषज्ञों को यह भी लगता है कि जब बच्चा बहुत ज़्यादा भूखा हो या स्तनपान के तुरंत बाद उसे नहीं नहलाना चाहिए। अगर बच्चा भूखा है तो नहाते समय वह बहुत रोयेगा और फिर वह इतना थक जाएगा कि बाद में वह कुछ खा नहीं पायेगा। अगर आप उसे स्तनपान के बाद नहलाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको आधे घंटे या एक घंटे का इंतज़ार करना चाहिए ताकि उसका खाना पच जाए।

अंत में यह सिर्फ पेरेंट्स पर निर्भर करता है कि वो तय करें कि उनके बच्चे के लिए क्या सही है। एक बच्चे के लिए जो ठीक होता है, ज़रूरी नहीं कि दूसरे बच्चे के लिए भी वही ठीक हो। बल्कि, परिस्थितियां बच्चे के बढ़ने के साथ बदलती रहती हैं। एक बच्चा जिसे शुरू में स्तनपान के पहले नहाने की आदत होती है, हो सकता है कि कुछ समय बाद वह खाने के बाद नहाना चाहे। इसलिए यह अच्छा रहेगा कि नहाने का ऐसा समय चुना जाए जब आप और बच्चा दोनों इसके लिए तैयार हों।