Children and their calcium needs

बच्चे और कैल्शियम से जुड़ी उनकी ज़रूरतें

कैल्शियम हमारे शरीर में सबसे ज़्यादा मिलने वाला मिनरल है और इसकी 99 प्रतिशत मात्रा हड्डियों में होती है जो हमारे शरीर के वज़न का 1.2 किलो होता है। कैल्शियम का बचा हुआ एक प्रतिशत भाग शारीरिक द्रव्यों में होता है, जो कई शारीरिक कामों को ठीक से करने में एक खास भूमिका निभाता है जैसे:- मांसपेशियों का सिकुड़ना, खून का जमना, रक्तचाप नियंत्रित करना और शारीरिक एंज़ाइमों को सही तरीके से काम करने में मदद करना।

कैल्शियम एक ऐसा पोषक तत्व है जिसकी कमी बच्चों के लिए बहुत हानिकारक होती है।

बच्चों के लिये कैल्शियम क्यों ज़रूरी है?

बढ़ते बच्चों में कैल्शियम उनकी हड्डियों के ढाँचे के पूर्ण विकास में मदद करता है। हड्डियों का ढाँचा कैल्शियम का भंडार भी होता है और जब शरीर में इस मिनरल की कमी हो जाती है तो शरीर के दूसरे कामों के लिए ज़रूरी कैल्शियम यहीं से मिलता है। इसलिए, हड्डियों की मजबूती बनाए रखने के लिए शरीर में कैल्शियम का पर्याप्त मात्रा में इकट्ठा होना ज़रूरी है। इसकी कमी से हड्डियां कमज़ोर हो जाती हैं और जल्दी टूट सकती हैं इस वजह से ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है।

विटामिन डी की अहमियत

विटामिन डी हड्डियों को कैल्शियम सोखने में मदद करता है। अगर बच्चों को रोज़ के खाने में ये पोषक तत्व नहीं मिलते तो उनमें हड्डियों की बीमारी, जिसे रिकेट्स कहते हैं, होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए कैल्शियम से भरपूर खाने के साथ-साथ आपको यह भी ध्यान रखना होगा कि बच्चे को पर्याप्त धूप भी मिले, जो विटामिन डी का मुख्य स्रोत है।

कैल्शियम से भरपूर डेयरी उत्पादों जैसे दूध, दही, चीज़ और पनीर के अलावा भी कई दूसरी ऐसी खाने की चीज़ें होती हैं जो बच्चे की रोज़ की ज़रूरतों को पूरा कर सकती हैं। इनमें कांटों वाली मछली, राजमा, छोले, साबुत हरा मूंग, रागी, नट्स जैसे बादाम, मूँगफली, बीज जैसे राजगीरा (चौलाई), तिल, जलकुम्भी के बीज, हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे चौलाई की भाजी, मूली के पत्ते, मेथी, सहजन के पत्ते और दूसरी सब्जियां जैसे ब्रोकली और फ्रेंच बीन्स आदि शामिल हैं।

आईसीएमआर (ICMR) के मुताबिक, एक से नौ साल की उम्र के भारतीय बच्चों को दिन में 600 मिलीग्राम कैल्शियम की ज़रूरत होती है। यह मात्रा आसानी से मिल जाती है क्योंकि भैंस के 100 मिलीलीटर दूध में लगभग 210 मिलीग्राम और गाय के इतने ही दूध में लगभग 120 मिलीग्राम कैल्शियम होता है।

कैल्शियम से भरपूर खाने की चीज़ें:

एक बच्चे को दिन में कम से कम 2-3 ग्लास डेयरी उत्पादों (दूध, दही) की ज़रूरत होती है। इसके साथ, मेथी पराठा, रागी की रोटी, पनीर पराठा, मूंगफली के लड्डू, तिल की चिक्की, राजगिरा चिक्की और सूखे मेवों का मिश्रण दिनभर की कैल्शियम की ज़रूरतों को पूरा करने में मदद करते हैं।

छोटे बच्चों के लिये, रागी या सत्तू से बना दलिया, कैल्शियम का आदर्श स्रोत है। ऐसे बच्चे जो दूध पीने में नखरे करते हैं, उन्हें दूध में बादाम डालकर या सूखे मेवों का मिल्कशेक बनाकर दिया जा सकता है। अगर आपका बच्चा लेक्टोज़ नहीं पचा पाता या वह लेक्टोज़ इन्टॉलरेंट है तो ऐसे में पोषण विशेषज्ञों से सलाह लेना बेहतर होता है। वो बच्चे के लिए ऐसा डाइट चार्ट बनाने में आपकी मदद कर सकते हैं, जिसमें कैल्शियम के अच्छे स्रोत शामिल हों।