छोटे बच्चों को अंडे की ज़र्दी खिलाने के कई फ़ायदे

छोटे बच्चों को अंडे की ज़र्दी खिलाने के कई फ़ायदे

अंडा स्वस्थ खाने का एक अभिन्न अंग है जिसके कई फ़ायदे होते हैं। लेकिन, कई बार इसकी जर्दी में पाए जाने वाले ज़्यादा कॉलेस्ट्रॉल की वजह से कई पेरेंट्स दुविधा में पड़ जाते हैं कि इस पोषण के पिटारे को बच्चे के खाने में शामिल करें या नहीं?

आइये, हम अंडे से मिलने वाले पोषण के बारे में जानते हैं।

अंडे की जर्दी में ज़रूरी फैटी एसिड होते हैं जिसकी मदद से आप बच्चे के खाने में डोकोसाहेक्ज़ेनोइक एसिड (डीएचए ) शामिल कर सकते हैं। कई अध्ययनों में यह पता चला है कि ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर अंडे डीएचए का एक अच्छा स्रोत होते हैं। इसके विपरीत असर को नज़रअंदाज़ करके इसे खाने में सुरक्षित रूप से शामिल किया जा सकता है।

अंडे की जर्दी में मिलने वाले पोषक तत्वों में विटामिन (ए, डी, इ, बी12, बी6, फोलेट, थियामिन), मिनरल्स (सेलेनियम, फॉस्फोरस, ज़िंक) और प्रोटीन होते हैं। ये पोषक तत्व रोगों से लड़ने की ताकत को बढ़ाते हैं और रोज़ाना के शारीरिक कामों को करने में मदद करते हैं। अंडे की जर्दी में स्कोलिन नाम का एक न्यूरो-न्यूट्रिएंट भी होता है जो दिमागी सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है।

बच्चों के लिए अंडे की जर्दी के फ़ायदे

पोषण से भरपूर होने के कारण अंडे की जर्दी उन बच्चों की वृद्धि एवं विकास में सहायता करती है जिन्हें शुरुआत में ही अंडे खिलाए जाते हैं।

छः महीने का होने के बाद बच्चों को पूरक आहार की ज़रूरत होती है। अध्ययन बताते हैं कि बच्चे के खाने में शुरुआत में (पहले साल में) ही अंडे शामिल करना उसकी वृद्धि और विकास के लिए फ़ायदेमंद होता है। और, 6 महीने के बच्चे के लिए अंडे की जर्दी को सुरक्षित माना जाता है। अच्छी गुणवत्ता वाले पोषक तत्वों को पाने के लिए पूरा अंडा खाना बेहतर होता है।

कई बार पेरेंट्स अपने बच्चे को अंडे की जर्दी देना शुरू करने में हिचकिचाते हैं क्योंकि कई बार इससे बच्चों को एलर्जी हो जाती है। चार साल से कम उम्र के बच्चों में अंडे की एलर्जी होना आम बात है। हालाँकि, कई बच्चे इस तकलीफ़ से खुद ही उम्र के साथ बाहर आ जाते हैं। पकी हुई अंडे की जर्दी खिलाना जल्दी शुरू करने से बच्चे को इससे होने वाली एलर्जी से बचाया जा सकता है।

अगर आपके बच्चे को अंडा खाने के बाद त्वचा में पित्ती, एक्ज़िमा, सूजन हो जाती है या उसमें बेहोशी, उल्टी, बहती नाक, डायरिया और/या सांस लेने में तकलीफ़ होने जैसे लक्षण नज़र आते हैं तो बेहतर होगा कि आप तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। और अगर आपके परिवार के लोगों को पहले से ही अंडे से एलर्जी है तो बच्चे को अंडा खिलाने के पहले आपको अपने डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।

इस बात का ध्यान रहे कि बच्चे को हमेशा पके हुए अंडे ही दें। बच्चों के लिए अंडे की कच्ची जर्दी नुकसानदायक हो सकती है और इससे उसे साल्मोनेलोसिस हो सकता है। इसलिए हमेशा पके हुए या बेक्ड अंडे खाने की सलाह दी जाती है। पूरी तरह उबले हुए अंडे की जर्दी को मैश करके माँ के दूध या फार्मूला मिल्क के साथ मिलाकर दिया जा सकता है। इसे खिलाते समय इसमें दूसरे मिर्च-मसाले न डालें। अंडे, बच्चे को फिंगर फ़ूड के रूप में भी दिए जा सकते हैं।

एक ज़रूरी सन्देश

अंडे सेहत को बहुत से फ़ायदे पहुंचाते हैं और इन्हें छोटे बच्चे के शुरूआती पूरक आहार के रूप में सुरक्षित माना जाता है। हालांकि, अगर आपके परिवार के सदस्यों को पहले से ही अंडे से एलर्जी है या आपके बच्चे को कोई दूसरी फ़ूड एलर्जी है तो आप अपने डॉक्टर से सलाह लेकर ही इसे बच्चे के खाने में शामिल करें।