छोटे बच्चे के साथ यात्रा करते समय ध्यान रखने योग्य बातें

छोटे बच्चे के साथ यात्रा करते समय ध्यान रखने योग्य बातें

एक छोटे बच्चे के साथ यात्रा करना चुनौतीपूर्ण या रोमांचक हो सकता है, पर वो इस बात पर निर्भर करता है कि आप एक माँ के रूप में इसके लिए कितनी तैयार हैं। यहाँ सबसे बड़ी चिंता एक अनजान जगह पर अपने छोटे बच्चे को सही खाना खिलाने की है, जब वह सिर्फ घर का खाने खाता है। घबराएं नहीं, आप अपने बच्चे को यात्रा करते समय भी ताज़ा और सेहतमंद खाना दे सकती हैं। लेकिन पहले आपको समझना होगा कि बच्चे की रोज़ की खुराक में आपको कौन से पोषक तत्वों को शामिल करना चाहिए। इसके साथ ही ज़रूरी है कि आप पहले से ही सुनियोजित तरीके से तैयारी करें और जितना हो सके उतना बदलाव के लिए तैयार रहें।

खाने की चीज़ें जो आप छोटे बच्चों को दे सकते हैं

बच्चों के साथ यात्रा करते समय सबसे अच्छा है कि आप घर से खाना तैयार करके ले जाएं क्योंकि बाहर के खाने का बुरा असर हो सकता है। यहां कुछ आसान रेसिपी दी गई हैं जो पौष्टिक होने के साथ साथ बनने में भी कम समय लेती हैं।

  • यात्रा करते समय आप अपना दूध पिला सकती हैं, यह सबसे आसान और सुरक्षित विकल्प है। आपका दूध आसानी से पच जाएगा और यह आपके बच्चे को एलर्जी, साँस से होने वाले संक्रमण और दस्त से बचाता है। आपका दूध बच्चे को ऑटोइम्यून और इन्फ्लेमेटरी बॉवेल बीमारी से भी बचा सकता है क्योंकि इसमें कैल्शियम, आयरन, विटामिन्स, प्रोटींस, सेहतमंद वसा और खनिजों का सही मिश्रण है। यात्रा के समय आप इसे उच्च गुणवत्ता (हाई क्वालिटी) वाली दूध की बोतलों में भर कर ले जा सकती हैं। हालांकि, दूसरे कॉम्प्लिमेंटरी फ़ूड आइटम्स को पैक करके ले जाना बेहतर रहेगा, खासकर अगर आपका बच्चा 6 महीने से बड़ा है। इससे आपके बच्चे को पूरा पोषण मिलेगा।
  • ओट्स, चावल और गेहूं से बना दलिया बहुत ही आसानी से बनता है और जल्दी पच भी जाता है। इससे आपके बच्चे को कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन और फाइबर मिलेगा।

इसे कैसे बनाएँ

ओट्स, चावल या गेहूं को केले या सेब के छोटे टुकड़ों के साथ सही मात्रा में पानी में उबाल लें। मिश्रण को 15 मिनट पकाने के बाद अच्छे से मसल लें ताकि उसमें कोई गांठ न रह जाए। इसको आप ठंडा करके एक साफ डिब्बे में भर कर गाड़ी या हवाई जहाज से अपनी यात्रा के दौरान ले जा सकती हैं।

ओट्स दलिया के बजाय, आप दलिया पाउडर को दूध या पानी के साथ पका कर भी दलिया तैयार कर सकती हैं। स्वाद के लिए मसले हुए फलों को इसमें मिलाया जा सकता है। यह आपके बच्चे को फाइबर, कैल्शियम और प्रोटीन खिलाने का एक बेहतरीन तरीका है।

  • सब्जियां खनिज, विटामिन और डाइट्री फाइबर से भरपूर होती हैं। जब इन्हें प्रेशर कुकर में पकाया जाता है तो वह बच्चे के लिए नरम और स्वादिष्ट हो जाती हैं। इस तरह इनके पोषक तत्व भी नष्ट नहीं होते हैं।

    इसे कैसे बनाएँ

    उदाहरण के लिए, छोटे बच्चों को खिलाने के लिए गाजर और मटर को उबाल कर आसानी से मसल सकते हैं। शकरकंद या कद्दू को मसल कर भी आप बच्चों के लिए खाना बना सकती हैं, यह बहुत ही सेहतमंद, पौष्टिक और मीठा होता है। आप इसमें पालक भी मिला सकती हैं। ध्यान रखें कि आप, सब्जियों को उबालने में इस्तेमाल हुए पानी को मसली हुई सब्जियों के मिश्रण को मुलायम और आसानी से खाने लायक बनाने के लिए करें।

  • साल तक के बच्चों के लिए, भारतीय खिचड़ी भी एक स्वादिष्ट और पौष्टिक खाना है। इससे बच्चों को कैलोरीज़, प्रोटीन और सेहतमंद वसा मिलती है।

    इसे कैसे बनाएँ

    एक प्रेशर कुकर में घी गरम करें और जीरा डालें। जब जीरा भूरा हो जाए तो उसमें बारीक कटी हुई सब्जियों को मिला दें और जब तक वह नरम न हो जाए पकाते रहें । उसके बाद भीगे हुए चावल और दाल मिला दें, फिर उसमें पानी और नमक मिलाएं। अब आपको बस कुकर का ढक्कन बंद करना है और दो सीटी लगने तक का इंतज़ार करना है। ध्यान रखें कि बच्चे को खिलाने के लिए खिचड़ी सही मात्रा में नरम होनी चाहिए।

  • ब्रेड और परांठा कार्बोहाइड्रेट्स से भरपूर होते हैं और अगर आपका बच्चा एक साल से बड़ा है तो आप उन्हें ये दे सकती हैं। सादी ब्रेड को थोड़े मक्खन के साथ सेक कर या थोड़े नमक के साथ परांठा बनाकर एल्युमिनियम फॉयल में पैक कर सकते हैं। साबुत अनाज से घर में बने मफिन्स भी आप खिला सकती हैं।
  • मसले हुए फल जैसे कि सेब, केला, पपीता या आम खनिज, विटामिन्स और स्वाद से भरपूर होते हैं। आप इन्हे ताज़े, पके हुए और अच्छे से धोए गए फलों से बना सकती हैं।

इसे कैसे बनाएँ

सेब की प्यूरी बनाने के लिए, जितना गाढ़ापन आपको चाहिए उसके अनुसार आप उसके छोटे टुकड़े करके उबाल लें। केले की प्यूरी, केले के छोटे टुकड़े काटकर और कांटे/चम्मच से मसलकर बनाई जा सकती है। आम या पपीता की प्यूरी के लिए, उनके छोटे टुकडों को ब्लेंडर में डाल कर एकदम मुलायम बना सकते हैं। 6 महीने के बाद आप 2 या उससे ज़्यादा फल मिलाकर प्यूरी बना सकती हैं।

ऊपर दिए हुए विकल्प के अलावा उबले हुए अंडे भी बच्चों के लिए यात्रा के समय अच्छे होते है, क्योंकि उनसे रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ती है और इसके अनसैचुरेटेड फैट्स से मस्तिष्क के विकास में सहायता मिलती है। आप उन्हें दही भी दे सकती हैं जो कि कैलशियम से भरपूर होता है और आसानी से पच भी जाता है।

घर में बनी हुई नरम इडली भी एक अच्छा विकल्प है क्योंकि इनमें ज़रूरी डाइट्री फाइबर होता जिससे कब्ज़ नहीं होती है और इनसे पेट भी भर जाता है।

एक छोटे बच्चे के साथ सुखद यात्रा पर कुछ आखिरी बातें

किसी यात्रा पर, बच्चे को ख़ुश और सेहतमंद रखने के लिए सिर्फ सही खाना ले जाना ही काफ़ी नहीं है। आपको ध्यान रखना होगा कि जिन डिब्बों में आप खाना ले जा रही हैं वह लीक ना करे, वो सही तरीके से साफ़ और कीटाणु रहित हो और गंदगी को अंदर जाने से रोक सके। बच्चों के कुछ ऐसे बर्तन भी साथ लेकर जाएं जिनके किनारे नुकीले न हों जिससे खिलाने में आसानी हो। ताज़ा पीने का पानी और पोंछने के लिए वाइप्स रखें। अगर आपका बच्चा 1 साल से बड़ा है तो पहले से तैयारी करके उसके लिए बिना नमक और चीनी वाले बिस्किट भी पैक कर लें। उसकी खाने की ज़रूरतों के बारे में अपने बच्चों के डॉक्टर से सलाह लेना याद रखें। अंत में गहरी सांस लें और सारी चिंताएं भूल जाएं।