Almonds during pregnancy

गर्भावस्था के दौरान बादाम खाने के बेहतरीन फ़ायदे

गर्भावस्था के दौरान कई तरह के शारीरिक और हार्मोनल बदलाव आते हैं। यही कारण है कि माँ को सेहतमंद और एक्टिव रहने के लिए पूरी तरह से संतुलित डाइट लेनी चाहिए। इससे भ्रूण का भी संपूर्ण विकास होता है। कई अध्ययन से पता चला है कि गर्भावस्था के दौरान बादाम खाना कई मायनों में फ़ायदेमंद हो सकता है। हम इस आर्टिकल में इस बारे में विस्तार से जानेंगे।

बादाम का पोषण

बादाम बेहद पौष्टिक होते हैं और इनमें भरपूर मात्रा में सेहतमंद वसा (फैट), एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन, और मिनरल पाए जाते हैं। बादाम मूल रूप से मध्य पूर्वी देशों में पाए जाते हैं और अमेरिका पूरे विश्व में बादाम का सबसे बड़ा उत्पादक है। 28 ग्राम छिलके निकले हुए बादाम में 164 कैलोरी, 14.36 ग्राम फैट, 5.6 ग्राम कार्बोहाइड्रेट और 6.03 ग्राम प्रोटीन होती है।

गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य से जुड़े फ़ायदे

गर्भावस्था के दौरान बादाम को स्नैक के तौर पर खाने से पेट भरा होने का अहसास होता है, जिससे शरीर के लिए आराम करना आसान हो जाता है। इनमें पाया जाने वाला सेलेनियम गर्भावस्था के दौरान होने वाले डिप्रेशन और बेचैनी से लड़ने में आपकी मदद करता है। चलिए, हम इस ड्राई फ्रूट के दूसरे कई स्वास्थ्य संबंधी फ़ायदों के बारे में जानते हैं।

  • प्रोटीन से भरपूर बादाम, बढ़ते हुए बच्चे के माँसपेशियों के सेहतमंद विकास में मदद करते हैं और डिलीवरी के दौरान होने वाले दर्द को सहने की ताकत देते हैं। ये बच्चे की हड्डियों के विकास में भी काफ़ी मदद करते हैं।
  • बादाम में विटामिन ई भरपूर मात्रा में पाया जाता है और यह भ्रूण के बालों और त्वचा के निर्माण में मदद करता है।
  • बादाम प्राकृतिक रूप से ग्लूटेन-फ्री होते हैं और एलर्जी के खतरे को दूर करते हैं।
  • बादाम में पाया जाने वाला मैंगनीज़ माँ और बच्चे के वज़न को नियंत्रित रखता है और बढ़ते बच्चे की मजबूत हड्डियों और दाँतों के निर्माण में मदद करता है।
  • बादाम में भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है जो गर्भवती महिलाओं में खाने को आसानी से पचाने के साथ-साथ कब्ज़ जैसी परेशानियों को दूर करने में मदद करता है।
  • बादाम में पाया जाने वाला फोलिक एसिड और राइबोफ्लेविन गर्भ के अंदर बच्चे के तंत्रिका संबंधी विकास में काफ़ी मदद करता है।
  • बादाम लेप्टिन बढ़ाता है, जिसे भूख कम करने वाले हार्मोन के नाम से जाना जाता है, इसलिए यह गर्भावस्था के दौरान भूख और वज़न को नियंत्रित करने में मदद करता है।
  • बादाम में पाया जाने वाला अल्फा-टोकॉफरोल ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करता है।
  • बादाम में भरपूर मात्रा में आयरन पाया जाता है, जो बच्चे के दिल के विकास में मदद करता है और उसकी बीमारियों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता है।
  • बादाम मेटाबॉलिक प्रतिक्रिया को बढ़ाते हैं क्योंकि इनमें फाइबर और कार्बोहाइड्रेट भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो ऑक्सीडेटिव तनाव, ब्लड शुगर और सूजन को कम करने में मदद करता है।
  • यह कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करता है और साथ ही कोलेस्ट्रॉल के ऑक्सीडेशन से भी बचाता है।

बादाम गर्भावस्था के दौरान लिए जाने वाला सेहतमंद स्नैक क्यों हैं और इन्हें कैसे खाना चाहिए

बादाम गर्भावस्था के दौरान कई तरीकों से फ़ायदेमंद होते हैं। आलमंड बटर में भरपूर मात्रा में मैग्नीशियम होता है जो गर्भावस्था के दौरान आपको पैरों में रात के समय होने वाले दर्द से आराम दिलाता है और प्रीएक्लेम्पसिया को रोकता है। आलमंड बटर में पाए जाने वाले प्रोटीन से आपके बच्चे को भी काफ़ी फ़ायदा मिलता है, क्योंकि यह उनके दिमाग के विकास में मदद करता है।

गर्भावस्था के दौरान पानी में भिगोकर रखे हुए बादाम नियमित तौर पर खाने चाहिए, क्योंकि ये आपको खाना पचाने में मदद करते है , एंजाइम अवरोधक, टैनिन को बेअसर करते हैं और पोषक तत्वों को सोखने की क्षमता को बढ़ाते हैं।

बादाम को कच्चा (रात भर पानी में भिगोने के बाद) भी खाया जा सकता है या आप इन्हें भून  कर भी खा सकती हैं।

साथ ही आप इन्हें आलमंड मिल्क, आलमंड बटर, बेक किए हुए आलमंड स्नैक्स, आलमंड स्मूदी के रूप में इस्तेमाल कर सकती हैं, या ओट सीरियल के साथ खा सकती हैं। आप अपनी भूख मिटाने के लिए इन्हें किसी भी वक्त खा सकती हैं।

बादाम के बारे में मज़ेदार जानकारी

  • स्वभाव से ही संवेदनशील बादाम के पेड़ों को उगाने के लिए गर्म या मध्यम तापमान की ज़रूरत होती है और इसलिए इसे सर्दी के मौसम में नहीं उगाया जा सकता है।
  • बादाम को बच्चों के लिए "ब्रेन फ़ूड" (दिमाग तेज़ करने वाला) माना जाता है।
  • बादाम के पेड़ों का परागण (पोलिनेशन) जंगली मक्खियों और मधुमक्खियों पर निर्भर होता है।
  • बादाम में कम कैलोरी होती है, जैसे एक कप आलमंड मिल्क से सिर्फ 30 कैलोरी ही मिलती है।
  • एक आउंस बादाम 6 ग्राम प्रोटीन, कई अलग-अलग तरह के विटामिन और मिनरल देता है, और इसके साथ-साथ इनमें भरपूर मात्रा में फाइबर, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, और मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड होते हैं।
  • बादाम भी चेरी, आड़ू, और आम के ही परिवार का हिस्सा होते हैं।
  • बादाम की तकरीबन 30 वैरायटी होती है, मगर इनमें सबसे आम नॉनपरेल्स, मिशन और कैलिफ़ोर्निया होते हैं।
  • बादाम शुगर और कार्बोहाइड्रेट को सोखने की क्षमता को धीमा कर देता है।
  • आप बादाम को लंबे समय के लिए रख सकते हैं और ये आसानी से खराब नहीं होते हैं। अगर इन्हें फ्रिज में रखा जाए, तो ये 2 साल तक खराब नहीं होते हैं।

निष्कर्ष

गर्भावस्था के दौरान बादाम खाना शरीर की पोषण संबंधी ज़रूरतों को पूरा करने का एक बेहतरीन तरीका होता है, इसके साथ ही इनका इस्तेमाल करने से माँ का शरीर भी सामान्य तरीके से काम करता है। बादाम भ्रूण के विकास में भी काफ़ी मदद करता है।  बादाम पोषक तत्वों का खजाना है और इस सूखे मेवे को रोज़ाना खाना चाहिए। पोषण विशेषज्ञों और डॉक्टरों के मुताबिक, बादाम गर्भावस्था के दौरान खाया जाने वाला एक स्मार्ट स्नैक होता है और यह आपको दिल के लिए अच्छे फैट, एनर्जी, फाइबर, आयरन, विटामिन ई , राइबोफ्लेविन, मैग्नीशियम और दूसरे ज़रूरी पोषक तत्व देता है।