Home remedies for getting rid of gas during pregnancy

गर्भावस्था के दौरान गैस से छुटकारा पाने के 10 घरेलू उपाय

गर्भवस्था का मतलब केवल चेहरे की चमक, और पेट का निकलना ही नहीं है जिससे आपको अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों की ओर से ढेरों शुभकामनायें मिलती हैं। गर्भावस्था में पेट फूलना या गैस जैसी आम समस्याएं आपके लिए रोज़मर्रा की ज़िंदगी को थोड़ा मुश्किल बना सकती हैं। और इसका कारण भी है। गर्भावस्था में, आपके शरीर में प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का स्तर आपके और आपके शिशु दोनों के विकास के लिए बढ़ता है। लेकिन, यह आपकी मांसपेशियों को भी आराम करने का कारण बनता है, जिसमें आपकी आंतों की मांस पेशियाँ भी शामिल हैं। तो, स्वाभाविक रूप से, आपका पाचन तंत्र धीमा हो जाता है और गैस कम बनती है। अच्छी बात यह है कि, ऐसे कई घरेलू उपचार हैं जो आपको गैस, और पेट फूलने और डकार में मदद कर सकते हैं।

गर्भावस्था के दौरान गैस का कारण

गर्भावस्था के दौरान पेट में गैस होने का सबसे बड़ा कारण है प्रोजेस्ट्रोन का बढ़ना। गर्भावस्था के लिए शरीर में जितना ज़्यादा प्रोजेस्ट्रोन बनता है आपके शरीर की मांस पेशियाँ उतनी ज़्यादा ढीली हो जाती हैं। आंत की पेशियाँ भी धीरे काम करती हैं और इससे पाचन भी धीमा हो जाता है। जिसके कारण शरीर में गैस बनती है, और पेट फूलने और डकार की समस्या होती है।

जैसे जैसे गर्भावस्था बढ़ती है आपके शरीर के निचले हिस्से पर वज़न बढ़ता है जिससे पाचन प्रक्रिया धीमी और गैस ज़्यादा बनती है। ऐसे कुछ भोजन हैं और विटामिन भी हैं जिनसे कब्ज़ होती है और गैस बढ़ती है। कब्ज़ के कारण यह स्थिति और दर्दनाक और तकलीफदेह हो जाती है और समय के साथ बदतर होती रहती है।

गर्भावस्था के दौरान गैस से छुटकारा पाने के लिए यहाँ कुछ घरेलू उपाय दिये गए हैं:

  1. पानी पियें: प्रतिदिन कम से कम दो से तीन लीटर पानी पीने का लक्ष्य रखें। अन्य तरल पदार्थों का सेवन भी फायदेमंद है। भोजन से पहले या बाद में पानी पीने से पाचन में मदद मिलती है, इस प्रकार गैस से बचा जाता है। इसे घूंट में धीरे-धीरे पिएं क्योंकि पानी नीचे गिरने से आप अधिक हवा निगल लेते हैं जिससे गैस बढ़ती है।
  1. इरिटेबल बोवेल सिंड्रोम:अगर आप अत्यधिक सूजन और दर्द का अनुभव कर रहे हैं, तो यह इरिटेबल बोवेल सिंड्रोम का लक्षण हो सकता है। उस स्थिति में, सुनिश्चित करें कि आप जो जूस पीते हैं, उसमें कुछ गैसें और चीनी न हो क्यूंकी इससे गैस बढ़ती हैं। इस तरह के पेय को FODMAP कहा जाता है और इसमें क्रैनबेरी, अंगूर, अनानास और संतरे का रस शामिल होता है।
  1. एयरेटेड ड्रिंक से परहेज :. कार्बन डाइऑक्साइड से भरी हुई कोला और अन्य फ़िज़ी ड्रिंक पीने से बचें क्योंकि यह पेट फूलने का कारण बनता है। ड्रिंक में एडेड शक्कर और कृत्रिम मिठास समस्या बढ़ा सकते हैं और अतिरिक्त वज़न बढ़ा सकते हैं।
  1. शारीरिक रूप से सक्रिय रहें: व्यायाम आपकी दिनचर्या का अनिवार्य हिस्सा होना चाहिए। यहां तक कि अगर आप जिम नहीं जाती हैं, तो सुनिश्चित करें कि आप लंबे समय तक पैदल चलें। कोई भी शारीरिक गतिविधि कम से कम तीस मिनट तक होनी चाहिए। यह आपको शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रखने के साथ-साथ कब्ज को रोकने और पाचन को बढ़ाने में मदद करेगा। नई व्यायाम दिनचर्या शुरू करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श करें।
  2. अपने आहार की जांच करें: अपने आहार में गैस के लिए संभावित ट्रिगर्स की पहचान करने की कोशिश करें और उन्हें अपने आहार से तब तक एक-एक करके हटाएँ करें जब तक कि आपके लक्षणों में सुधार न हो जाए। कुछ आम ट्रिगर खाद्य पदार्थ स्प्राउट्स, गोभी, ब्रोकोली, गेहूं और आलू हैं। इन खाद्य पदार्थों में हाइ फाइबर और ऑलिगोसैकराइड्स होते हैं जो आंत में टूटने पर नाइट्रोजन गैस बनाते हैं, जो सूजन का कारण बनता है।
  3. समस्या बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों से बचें: फ्रुक्टोज एक प्रकार की चीनी है जिसे कुछ लोग पचा नहीं पाते हैं। और जिससे गैस और सूजन हो सकती है। इसी तरह, हमारा शरीर सोर्बिटोल को नहीं पचाता है जिससे पेट में दर्द, सूजन और गैस होती है। एक डायरी बनाकर रखें जिसमे आपको पता चलेगा कि कौन से खाद्य पदार्थ आप में गैस के गंभीर लक्षणों को बढ़ाते हैं।

ध्यान दें: अगर आपको गर्भावस्था के दौरान आईबीएस है तो FODMAP आहार शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह करें क्यूंकि इसमे बहुत चीजों से परहेज करना होता है और हो सकता है कि आपको पर्याप्त पोषण नहीं मिले।

  1. ज़्यादा से ज़्यादा फाइबर खाएं: गर्भावस्था के दौरान गैस के लिए ज़रूरी घरेलू उपायों में से एक है। फाइबर पानी पचाता है और पाचन प्रक्रिया को सही करता है। रोजाना 25 से 40 ग्राम फाइबर खाने से यह समस्या कम हो सकती है। अंजीर, केला, सब्जियाँ, ओट्स और अलसी फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थ होते हैं।
     
  2. फाइबर सप्लीमेंट: अगर आपको प्राकृतिक रूप से ज़रूरी मात्रा में फाइबर नहीं मिल रहा है तो आप डॉक्टर से सलाह लेकर सप्लीमेंट भी ले सकते हैं।
  3. पाचन के लिए दवाई: आप पाचन प्रक्रिया को सही करने के लिए हल्के डोज़ वाली दवाइयाँ भी खा सकती हैं जिससे आपका पेट सही रहेगा और कब्ज़ की समस्या नहीं होगी। इस समस्या के लिए ज़्यादा सख्त दवा न लें वरना इससे गर्भावस्था में और परेशानी हो सकती हैं। पाचन संबंधी दवा लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
  4. चिंता न करें: तनाव और चिंता करने से आपकी सांस तेज़ होती है। और आपके शरीर में जितनी ज़्यादा हवा जाएगी पेट में गैस भी बढ़ेगी और सूजन, दर्द भी। अपने घरेलू कामों में घर के सदस्यों की मदद लें और चिंतामुक्त रहें

अगर यह घरेलू उपाय अपनाने के बाद भी आपको आधे घंटे से ज़्यादा देर तक दर्द और एक हफ्ते से ज़्यादा तक कब्ज़ की समस्या रहती है तो आपको अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।