Why is nutrient-dense

आपके बच्चे के लिए पोषक तत्वों से भरपूर खाना क्यों ज़रूरी है?

न्यूट्रिएंट-डेन्स फ़ूड या ज़्यादा पोषण वाले आहार, वे आहार होते हैं, जो विटामिन, मिनरल और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। ये हमारी सेहत के लिए बहुत ज़रूरी होते हैं। पोषक तत्वों से भरपूर खाने  में संतृप्त वसा (सेचुरेटेड फ़ैट), अलग से डाली गई शक्कर और ज़्यादा नमक या सोडियम नहीं होता है। सीधे शब्दों में कहा जाए, तो पोषक तत्वों से भरपूर खाने में ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल होते हैं, जो भोजन की हर एक कैलोरी में ज़्यादा ,  ज़्यादा पौष्टिक तत्व  देते हैं।

फल, सब्ज़ियाँ, साबुत अनाज, मछली, बिना चर्बी का माँस (लीन मीट), अंडे, मटर, सेम, नट, और बीज आदि न्यूट्रिएंट-डेन्स फ़ूड के कुछ उदाहरण हैं।

पोषक तत्वों से भरपूर खाना आपके बच्चे के लिए क्यों ज़रूरी है?

पोषक तत्वों से भरपूर खाना इसलिए बहुत ज़रूरी होता है क्योंकि इनसे बढ़ते हुए बच्चों को ज़रूरी विटामिन और मिनरल मिलते हैं। हम सभी जानते हैं कि बचपन में पोषक तत्वों की बहुत ज़्यादा ज़रूरत होती है। इसके अलावा बच्चों का पेट बहुत छोटा होता है और वे एक बार में कम ही खाना खा सकते हैं। इसलिए, यह सुनिश्चित करना बहुत ज़रूरी हो जाता है कि उन्हें जो कुछ दिया जाए, वो पौष्टिक ही होना चाहिए।

वैज्ञानिकों के मुताबिक, भारत में हम एक न्यूट्रीशनल ट्रांज़िशन (पोषण से जुड़े संक्रमण/बदलाव) के दौर से गुज़र रहे हैं। जहाँ देखो वहाँ आपको पश्चिमी खाना और फ़ास्ट फूड ही नज़र आते हैं।  ज़्यादातर ऐसी चीज़ों में वसा (फैट) और कैलोरी होती है और यह सस्ता भी होता है इसलिए इसे खरीद कर खाना ज़्यादा आसान होता है।

हालाँकि, यह याद रखना बहुत ज़रूरी है कि बचपन ही वह वक्त होता है, जब बच्चे स्वाद और खाने की पसंद विकसित करते हैं। इसलिए यह बहुत ज़रूरी हो जाता है कि वे स्वस्थ भोजन को ही अपनी पहली पसंद बनाएँ ताकि उनमें बड़े होकर भी ये आदतें बनी रहें और जीवन भर उनके साथ रहें।

इसके अलावा, बढ़ते बच्चों के जीन लगातार शरीर में उपलब्ध पोषक तत्वों के अनुकूल होते रहते हैं। अगर शरीर में पोषक तत्वों की कमी या ज़्यादा कैलोरी होगी, तो जीन उस हिसाब से बदलाव करेंगे। इसके कारण शरीर विशेष रूप से स्वस्थ या बीमार होने के लिए प्रोग्राम हो जाता है, खासकर जब बच्चा युवा (एडल्ट) हो जाता है।

 बच्चों के लिए पोषक तत्वों से भरपूर खाने की पहचान करना

ऐसे खाद्य पदार्थों की पहचान करना ज़्यादा मुश्किल नहीं है जो पोषक तत्वों से भरपूर हों और बच्चे को बढ़ने में मदद कर सकते हैं। न्यूट्रिशन एक्सपर्ट के पास कई पोषक-घनत्व (न्यूट्रिएंट डेंसिटी) प्रोफ़ाइलिंग उपकरण (टूल) होते हैं, जिनमें से कुछ को हेल्थ प्रोफ़ेशनल द्वारा अपने मरीज़ों की काउंसलिंग के लिए डिज़ाइन किया गया है और कुछ को उपभोक्ताओं (कंज़्यूमर्स) को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है।

इनमें से ज़्यादातर न्यूट्रिएंट डेंसिटी प्रोफ़ाइलिंग उपकरण उन पोषक तत्वों को ध्यान में रखते हैं जो फ़ायदेमंद होते हैं और अक्सर कम खाए जाते हैं, जैसे कि  कैल्शियम, विटामिन डी, प्रोटीन, पोटेशियम, मैग्नीशियम, आयरन, विटामिन ए, विटामिन सी और फ़ाइबर। ये उपकरण ऐसी चीज़ों पर भी ध्यान देते हैं जो आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचा सकते हैं, जैसे कि ज़्यादा शक्कर, ट्रांस फ़ैट और सोडियम।

किसी भी पैकेज्ड फ़ूड आइटम की न्यूट्रिशनल वैल्यू  की पहचान करने के लिए उसके लेबल को ध्यान से पढ़ना चाहिए,ताकि इसके सभी फ़ायदेमंद पोषक तत्वों के बारे में हमें पता चल सके।

आहार को पोषक तत्वों से भरपूर खाने में बदलना

आप अपने आहार या खाने की चीज़ों में कुछ बदलाव लाकर उसे आसानी से अपने बच्चों के लिए ज़्यादा पोषक तत्वों से भरपूर खाना बना सकती हैं। बच्चों के लिए आहार में ज़रूरी विटामिन और मिनरल शामिल करने के लिए यहाँ कुछ टिप्स दिए जा रहे हैं:

  • सफेद चावल की जगह भूरे चावल (ब्राउन राइस) का इस्तेमाल करें
  • चीनी युक्त पेय की जगह पानी या बिना चीनी की चाय या कॉफ़ी शुरू करें
  • अपने पिज़्ज़ा पर चीज़ टॉपिंग का इस्तेमाल कम करके उस की जगह बैज़ल पेस्तो और सब्ज़ियों का इस्तेमाल करें
  • दुकान से खरीदे हुए मेयोनेज़ की जगह सरसों, काली मिर्च और नमक वाले दही का इस्तेमाल करें। शाकाहारी मेयो का इस्तेमाल न करें क्योंकि उनमें बहुत सारा सैचुरेटेड फ़ैट (संतृप्त वसा) होता है।
  • आलू के चिप्स की जगह नमकीन मखाना और घर पर बने पॉपकॉर्न का इस्तेमाल करें। माइक्रोवेव में बनने वाले पॉपकॉर्न का इस्तेमाल न करें। सादे आटे की बजाय अपने पराठों में साबुत गेंहूँ के आटे या मोटे अनाज के आटे का इस्तेमाल करें।
  • अपने बच्चों को मिठाई की जगह लीची, आम, अंगूर या सेब जैसे मीठे फल खिलाएँ।
  • दुकान से खरीदी गई सलाद ड्रेसिंग की बजाय जैतून के तेल और सीज़निंग वाले हंग कर्ड (चक्का दही) का इस्तेमाल करें।
  • डोसे और इडली का बैटर बनाने के लिए कम से कम आधे सफ़ेद चावल को थोड़े मोटे अनाज से बदलें। थोड़े से मोटे अनाज से बैटर का स्वाद या रंग भी नहीं बदलता है और पता भी नहीं चलता।

याद रखें कि आप अपने बच्चों को जो भी भोजन देते हैं, वो सीधे उनकी ताकत और सेहत पर असर डालता है। ज़्यादा पोषक तत्वों से भरपूर खाना चुनने से आपके बच्चे की सेहत में न सिर्फ़अभी बड़ा बदलाव नज़र आएगा,  बल्कि बड़े होने पर भी वो इसी तरह सेहतमंद रहेंगे।